बारूद और अवैध हथियार का हब बन रहा है भागलपुर, पांच दिन में तीन बम विस्फोट, यहां मिली तीन गन फैक्ट्री
भागलपुर
भागलपुर अपने पुराने इतिहास, शिक्षा, रेशम और जर्दालु आम के लिए विख्यात रहा है। पटना के बाद भागलपुर को ही शिक्षा का हब माना जाता है। लेकिन अब यही भागलपुर बारूद और हथियार के अवैध कारोबार का हब बनता जा रहा है। नाथनगर में पांच दिनों में बम विस्फोट की तीन घटनाएं हो चुकी हैं और इन घटनाओं में बच्चा सहित दो की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी बम विस्फोट की कई घटनाएं विभिन्न इलाकों में हुई है। बम ही नहीं अवैध हथियार का निर्माण कार्य भी विभिन्न थाना क्षेत्रों में किया जा रहा। पिछले डेढ़ साल में जिले में तीन मिनी गन फैक्ट्री पकड़े जा चुके हैं।
बंगाल से रॉ मैटेरियल लाकर मुंगेर के कारीगर से बनवा रहे हथियार
जिले में मिनी गन फैक्ट्री के उद्भेदन और अर्धनिर्मित हथियारों की बरामदगी के बाद पूछताछ में पुलिस को यह पता चला था कि हथियार तस्कर इसे बनाने के लिए रॉ मैटेरियल पश्चिम बंगाल से लेकर आते हैं। बगल का जिला मुंगेर अवैध हथियार के निर्माण कार्य के लिए कुख्यात रहा है। इसलिए हथियार बनाने के कारीगर मुंगेर से ही बुलाये जा रहे हैं।
26 सितंबर को जगदीशपुर बाईपास टीओपी की पुलिस और एसटीएफ की टीम ने मुंगेर के रहने वाले हथियार तस्कर शिबू कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके पास से 7.65 एमएम के 12 अर्धनिर्मित पिस्टल और एक दर्जन बैरल बरामद किया गया था। बम की बात की जाये तो जिले के कई थाना क्षेत्रों में बम बनाने का अवैध धंधा हो रहा है। जिन थाना क्षेत्रों में बम बनाने की बात सामने आ चुकी है उनमें मोजाहिदपुर, बबरगंज, नाथनगर, तातारपुर और जगदीशपुर शामिल हैं।
यहां पर बम तैयार कर दूसरे जिलों में भी सप्लाई की बात कई बार सामने आ चुकी है। यहां से बम तैयार कर बांका, मुंगेर, नवगछिया, खगड़िया आदि जिलों में भेजने की बात तस्कर स्वीकार कर चुके हैं। रेंज डीआईजी सुजीत कुमार ने कहा कि तीनों ही जिलों में बम विस्फोट की घटना हो या मिनी गन फैक्ट्री के संचालन की सूचना, इसको लेकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर कड़ी कार्रवाई का तीनों जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है।
