पटना में तीन करोड़ ठगी का आरोपित नाैशाद धनबाद से गिरफ्तार

धनबाद
हज यात्रा कराने के नाम पर मुसलमानों को ठगने वाला मोस्ट वांटेड नाैशाद को धनबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके पास से पुलिस को एक दर्जन पासपोर्ट भी हाथ लगे हैं। यह धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र के एक फ्लैट को अपना ठिकाना बना रखा था। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही इससे पीड़ित दो दर्जन से ज्यादा लोग सरायढेला थाना पहुंच रुपये की मांग की। हालांकि किसी ने लिखित शिकायत नहीं की। दूसरी तरफ गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद रांची पुलिस धनबाद पहुंची। नाैशाद को अपने साथ लेकर चली गई। उसपर रांची के ओरमांझी थाने में हज यात्रा के नाम पर ठगने का मामला दर्ज है। इसी मामले में रांची पुलिस ले गई।

धनबाद, रांची और पटना में कर चुका है दर्जनों लोगों से ठगी
झारखंड-बिहार के मोस्ट वाटेंड नौशाद अहमद को धनबाद जिले की सरायढेला थाना पुलिस ने सोमवार शाम भुईफोड़ मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। नौशाद अहमद कुछ दिनों से छिपकर धैया के गणपति टावर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर थ्री-ए में रह रहा था। उसके खिलाफ ना केवल धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना में बल्कि रांची के ओरमांझी तथा पटना में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। उस पर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। पटना में वह ट्रैवेलिंग एजेंसी चलाता था। वह हज के लिए भेजने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया था। लब्बैक टूर एंड ट्रेवल्स के माध्यम से उसने धनबाद, रांची समेत कई जिलों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी।

सहयोगी के बाद नाैशाद भी धनबाद से ही गिरफ्तार
नाैशाद एक सहयोगी कबीर को रांची की ओरमांझी थाना पुलिस ने कुछ दिन पहले धनबाद के राजगंज से गिरफ्तार किया था। वहीं टावर लोकेशन के आधार पर नौशाद अहमद को भुईंफोड़ से गिरफ्तार किया गया। ओरमांझी थाना की पुलिस नौशाद को यहां से ले जाने के लिए धनबाद के लिए रवाना हो चुकी है। नौशाद के पास से कई आधार कार्ड मिले हैं, जिसमें अलग-अलग नाम पता है। किसी में उसका नाम इरशाद दर्ज है तो किसी में नौशाद। इरशाद उर्फ नौशाद अलग-अलग आधार कार्ड बनकर राज्य के विभिन्न जिलों से 58 लोगों से ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ धनबाद के गोङ्क्षवदपुर थाना में जियाउद्दीन अंसारी नामक व्यक्ति ने गाड़ी हड़पकर बेचने कर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जियाउद्दीन अंसारी पथुरिया सरकारडीह गोङ्क्षवदपुर के रहनेवाला हैं।

जियाउद्दीन अंसारी का आरोप
27 जुलाई 2021 को जियाउद्दीन अंसारी ने गोङ्क्षवदपुर थाना को लिखित शिकायत करते हुए बताया था 2018 में उन्होंने मङ्क्षहद्रा फाइनेंस से जेएच10बीआर 8739 नंबर की एसयूवी 500 फाइनेंस कराया था। जिसका ईएमआई वह खुद जमा करता था, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। वह किस्त देने में असमर्थ था तो उसने मुफ्तीवसी अहमद जो कि सरकारडीह के निवासी है। उससे उसकी पहचान थी। उसने उसकी गाड़ी को अपने जाननेवाले नौशाद अहमद जो उस वक्त कुंज विहार कालोनी कोलाकुसमा में रहता था। उन्होंने गाड़ी उसकी लब्बैक टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसी में दे दिया। करार हुआ कि वह बाकी का किस्त जमा कर देगा। कुछ दिनों तक उसने किस्त दिया फिर गाड़ी लेकर फरार हो गया। उसका आफिस बंद हो गया। जब उसने मुफ्तीवसी अहमद से उसके बारे में जानने की कोशिश की तो वह भी कुछ नहीं बताया। फिर बाद में पता चला कि नौशाद उसकी गाड़ी धोखा से फुलवारीशरीफ पटना बिहार के पप्पु खान के माध्यम से उसके किसी सहयोगी मुकुल अहमद को बेच दिया है। उसके बयान पर 27 जुलाई 2021 को गोङ्क्षवदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

नेशनल टूर ट्रेवल्स के नाम से की थी तीन करोड़ की ठगी
इरशाद उर्फ नौशाद बिहार के पटना में नेशनल टूर ट्रेवल्स के नाम पर भी तकरीबन तीन करोड़ रुपये ठगी कर नेपाल भाग गया था। बिहार पुलिस कई वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी। बताते हैं कि वर्ष 2014 में वह पटना में नेशनल टूर ट्रेवल्स एजेंसी का आफिस चलाता था। उस दौरान भी हज के नाम पर मोटी रकम लेकर फरार हो गया था। उसकी तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हुई थी।

 

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