पंचायत चुनाव: अपनों की परीक्षा से गुजरेंगे बीजेपी के पन्ना प्रभारी

भोपाल
दो सालों में हुए उपचुनावों में कांग्रेस को हर मोर्चे पर पटकनी दिलाने में कामयाब रहे बीजेपी के पन्ना प्रभारियों के लिए पंचायत चुनाव अग्नि परीक्षा के रूप में सामने हैं। गैरदलीय आधार पर हो रहे उपचुनावों में पन्ना प्रभारियों को अपनों की परीक्षा से गुजरना होगा और इसके बीच भाजपा समर्थित नेताओं की जीत का ध्यान भी रखना होगा। हालाांकि पार्टी के प्रदेश संगठन ने अब तक इसको लेकर कोई नई रणनीति का ऐलान नहीं किया है।

बूथ को सशक्त बनाकर चुनाव जीतने वाली भाजपा ने अब तक पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी में कोई चुनाव समिति नहीं बनाई है और न ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए किसी को मानीटरिंग का जिम्मा ही सौंपा है। चूंकि चुनाव गैरदलीय हैं और पंच, सरपंच, जिला व जनपद सदस्य के चुनाव पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की वैयक्तिक क्षमता पर होने हैं, इसलिए भी संगठन ने इसके लिए गाइडलाइन जारी नहीं की है लेकिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा यह संकेत जरूर दे चुके हैं कि पार्टी समर्थिक कैंडिडेट्स को जिताने में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। ऐसे में बूथों पर काम कर रही पन्ना प्रभारियों और बूथ संयोजक व अध्यक्षों की टीम की जिम्मेदारी कम नहीं हुई है बल्कि उन्हें अपनों की जीत के लिए समर्थिक उम्मीदवार की मदद करना चुनौती भरा काम है।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव कराने के लिए तीन चरण 6 जनवरी, 28 जनवरी और 16 फरवरी को मतदान तिथि तय की गई है। इसके लिए 71398 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 3095 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां मतदाताओं की संख्या 750 से अधिक है। बाकी 68 हजार मतदान केंद्रों में यह संख्या 750 वोटर से कम है।

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