बिहार पंचायत चुनाव में युवाओं ने मारी बाजी, जीतीं 60% से अधिक सीटें, वोट देने में महिलाएं आगे

पटना
बिहार में पंचायत चुनाव के सभी 11 चरणों के चुनाव को लेकर मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इस चुनाव में अब तक 60 फीसदी से अधिक सीटों पर युवा चेहरों को जीत हासिल हुई। प्रदेश में कुल 2 लाख 47 हजार 656 सीटों के लिए मतदान कराए गए। इनमें अंतिम चरण के चुनाव वाले 17,286 सीटों के चुनाव परिणाम 14-15 दिसंबर को आना शेष है। दसवें चरण तक के मतदान से संबंधित 1.48 लाख सीटों पर युवा चेहरे जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इस बार युवा चेहरे बड़ी संख्या में जीत दर्ज किये हैं। आयोग समग्र रूप से नये चेहरे, युवा चेहरे, महिला एवं पुरुष उम्मीदवारों की जीत, शिक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर समेकित रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके लिए आयोग के स्तर पर सॉफ्टवेयर विकसित कर कार्रवाई की जाएगी। चूंकि चुनाव में सीटों की संख्या 2.47 लाख है, इसलिए इसे समेकित किए जाने में वक्त लगेगा।

सूत्रों के अनुसार चुनाव जीतने वाले 50 फीसदी से अधिक उम्मीदवार 25 से 50 वर्ष के बीच की उम्र के हैं। जैसे भोजपुर में मुखिया व सरपंच के क्रमश: 206-206 सीटों में क्रमश: 155 सीटों व 139 सीटों पर पर 30 से 50 वर्ष की उम्र के उम्मीदवार चुनाव जीते। वहीं, जिला परिषद सदस्य के 28 सीटों में 21 सीट पर 50 से कम उम्र के उम्मीदवारों ने बाजी मारी। पंचायत समिति सदस्यों के 279 में 181 उम्मीदवार इसी उम्र के हैं। पंचायत चुनाव में युवाओं के अतिरिक्त 50 से 60 वर्ष की उम्र वाले उम्मीदवारों को मुखिया, सरपंच व जिला परिषद सदस्य की सीटों पर करीब 20 से 30 जीत मिली है।

पटना में 90 पुराने मुखिया हारे
पंचायत चुनाव में पटना जिले में इस बार 90 फीसदी पुराने मुखिया चुनाव हार गए हैं जबकि 92 प्रतिशत युवाओं के सिर पर जीत का ताज सजा है। पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव हारने का मुख्य कारण है मतदाताओं का उनके प्रति बेरुखी। इस बार चुनाव में सबसे अधिक 35 से 45 आयु वर्ग के मुखिया चुनाव जीतकर आए हुए हैं। यही स्थिति कमोबेश जिला परिषद के चुनाव में भी रही है। पटना के 21 प्रखंडों में चुनाव संपन्न हो गया है। कुल 309 मुखिया के पद पर चुनाव होना है, जिसमें वर्तमान समय में 277 मुखिया के पद पर चुनाव हो चुका है। इनमें 249 नए मुखिया जीत कर आए हैं। 32 पंचायतों में अभी मतगणना होनी बाकी है। दानापुर में 19 और मनेर में 13 पंचायत शामिल हैं। इसी प्रकार जिला परिषद के चुनाव में पटना जिले में कुल 46 पद हैं, जिसमें 40 पद पर चुनाव हो गया है। इसमें भी 90 प्रतिशत नए प्रत्याशियों ने विजय हासिल की है।

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समेकित रिपोर्ट तैयार करेगा राज्य निर्वाचन आयोग

आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि जिलों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार 95 फीसदी सीटों पर नये चेहरों को जीत हासिल हुई है। पटना के घोसवरी पंचायत में सौ फीसदी नये चेहरे चुनाव जीते हैं। उन्होंने कहा कि नये चेहरे को मिले वोट वास्तविक वोट है। इसके लिए उन्होंने बोगस वोटिंग की समाप्ति, बायोमेट्रिक जांच और मतगणना में ओसीआर तकनीक के इस्तेमाल को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार चुनाव में ईवीएम का भी इस्तेमाल किया गया। जिससे बूथ कैप्चरिंग व अन्य घटनाओं को रोका जा सका।

प्रत्येक चरण में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं ने डाले वोट
आयोग के अनुसार प्रत्येक चरण के पंचायत चुनाव में पुरुषों की तुलना में पांच से दस फीसदी अधिक महिलाएं शामिल हुई और जीत भी हासिल की। पंचायत चुनाव के सभी चरणों में कुल 4,17,772 पुरुष उम्मीदवारों की तुलना में 4,74,917 महिलाएं चुनाव मैदान में उतरीं। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 2,38,148 पुरुषों की तुलना में 2,63,992 महिलाएं, ग्राम पंचायत मुखिया के लिए 32,368 पुरुषों की तुलना में 34,107 महिलाएं, पंचायत समिति सदस्य के लिए 35,620 पुरुषों की तुलना में 38,642, जिला परिषद सदस्य के लिए 6472 पुरुषों की तुलना में 6373, ग्राम कचहरी पंच के 78,963 पुरुषों की तुलना में 1,08,306 महिलाओं ने चुनाव में उम्मीदवारी पेश की। जबकि ग्राम कचहरी सरपंच के लिए 26,201 पुरुषों की तुलना में 23,497 ही महिलाएं उम्मीदवार चुनाव में शामिल हुईं।

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