पिता बनना चाहते थे वकील, आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने से छोड़ दी थी पढ़ाई बेटे ने पूरा किया पिता का सपना

जांजगीर-चांपा
जिले के अकलतरा ब्लाक अंतर्गत एक छोटे से गांव बनाहिल में रहने वाले जयकरण बंजारे ने एलएलबी अंतिम वर्ष परीक्षा में प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण किया है उसने यहां तक पहुंचने अपने पापा को त्याग समर्पण को दिया है।  जयकरण ने बताया कि उनके पापा बचपन से ही वकील बनना चाह रहे थे, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति अच्छा नहीं होने के कारण व परिवारिक जिम्मेदारी में बंधे होने के कारण वह अपना पढ़ाई 12वीं के बाद रोक दिया और पिताजी का सपना अधूरा हो गया इसका जिक्र उनके पिताजी हमेशा करता रहा तब मैं पिताजी का सपना पूरा करने का निश्चय कर लिया लगातार मेहनत करता गया पिताजी मेरे लिए मार्गदर्शन करते रहें और आखिरकार उनके पिताजी का सपना पूरा हो गया जब इस बात को उसने अपने पिताजी को बताया तो उनके पापा बहुत खुश हुए और उन्होंने अपने जीवन में आगे बढ?े के लिए उन्हें प्रेरित किया आपको बता दें कि ग्राम पंचायत बनाहिल में अनुसूचित जाति वर्ग के दूसरे व्यक्ति हैं जिसने एलएलबी की पढ़ाई किया है इससे पहले उनके ही परिवार से एक वकील आते हैं, उत्तरण होने के लिए उनके परिवार एवं उनके मित्र उन्हें फोन के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित कर हर्ष व्याप्त किया। जयकरण बताते हैं कि एक वकील ही होता है जो मुसीबत के वक्त में लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए स्वयं सिस्टम से लड़ते हैं न्याय दिलाने के यह पूरा प्रयास करते हैं ऐसे में जयकरण अच्छा क्रिमिनल लॉयर बनना चाह रहे हैं बताते हैं कि आगे स्वयं सिविल जज की तैयारी करेंगे।
 

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