राज्यपाल ने गोवा के राज्यपाल श्रीधरन के कविता संग्रह पर आधारित पुस्तक का किया विमोचन
रायपुर
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने गोवा के राज्यपाल पी. एस. श्रीधरन पिल्लै के कविता संग्रह हे मिजोरम का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रीधरन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि वे हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत हैं कि राजनीतिज्ञ रहते हुए भी वे साहित्य से जुड़े रहे, जो कि आसान बात नहीं है। पिल्लै संवेदनशील इंसान होने के साथ ही वकील और प्रख्यात वक्ता भी हैं। उनकी अंग्रेजी और मलयालम में 110 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं, जिनमें 12 काव्य संग्रह भी शामिल हैं। उन्हें अनेक पुरस्कार भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि पिल्लै जी की रगों में भी कविता दौड़ती है। इस पुस्तक में उनकी 25 कविताओं को शामिल किया गया है, जिसमें मिजोरम और केरल की झलक देखने को मिलती है। इन कविताओं में भारतीय संस्कृति की स्पष्ट छाप भी है। साथ ही कोरोना काल में जनमानस में व्याप्त भय और आशंकाओं को भी शब्द दिये गए हैं। राज्यपाल सुउइके ने कहा कि उनकी कविताओं का हिंदी रूपान्तरण पहली बार प्रकाशित किया गया है। इसके लिए मैं अनुवादक डॉ. शीना इप्पन को भी बधाई देती हूं। हिंदी के सुधि पाठकों के लिए यह अत्यंत खुशी का अवसर है कि उन्हें यह संग्रह पढ़?े को मिलेगा। हम सब उत्सुकता से गोवा में उनके कार्यकाल पर आधारित काव्य संग्रह की भी प्रतीक्षा करेंगे।
