कैट की माँग पर मप्र सरकार ने अमेज के खिलाफ मारिजुआना बिक्री मामले पर बिठाई जांच
रायपुर
पड़ोसी राज्य व अविभाजित मध्यप्रदेश की पुलिस ने एमेजॉन ई-पोर्टल के माध्यम से गांजे की आपूर्ति के जिस रैकेट का भंडाफोड़ किया है, उसी मामले में म.प्र. सरकार ने कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की मांग के अनुरूप एक एसआईटी का गठन किया है, जिसका कैट ने स्वागत करते हुए इसे म.प्र. सरकार का एक ईमानदार कदम बताया और कहा कि इससे ये पता चलता है कि सरकार इस मामले की गहराई से जांच करेगी। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी और प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने इस व्यवहारिक कदम के लिए म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और म.प्र. के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे मामले में सबसे अच्छा कदम, मनोज कुमार सिंह को एसआईटी का प्रभारी बनाना है जो एसपी भिंड थे, जिनके नेतृत्व में मारिजुआना रैकेट का पता चला था और जांच के दौरान अचानक उनको भिंड से भोपाल स्थानांतरित कर दिया गया था।
पारवानी और दोशी ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा से अमेजॉन के अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया, जिनको प्राथमिकी में आरोपी के रूप में नामित किया गया है। यह इसलिए अधिक आवश्यक है क्योंकि इस मामले के अन्य आरोपी बहुत पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। इसलिए अमेजॉन को लीवरेज क्यों दिया जाता है। डॉ मिश्रा ने पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि अमेजॉन के अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसका अर्थ है कि अमेजॉन जाँच से बच रहा है पर हमारे देश का कानून उन्हें किसी अपवाद की अनुमति नहीं देता है। इसलिए, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और एक स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि भारत कोई चलता फिरता देश नहीं है और कानून कमजोर नहीं हैं, जैसा कि उन्होंने माना है और लिहाजा अमजोन को कानून के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
