नाम निर्देशन-पत्र के साथ पंचायतों को देय देनदारियों का प्रस्तुत करना होगा अदेय प्रमाण-पत्र

भोपाल

त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिये सरपंच, जनपद पंचायत और जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम निर्देशन-पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त देनदारियों (शोध्यों) का अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिर्वाय होगा। नाम निर्देशन-पत्र के साथ अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर नाम निर्देशन-पत्र निरस्त कर दिया जायेगा। अदेय प्रमाण-पत्र नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा के लिये निर्धारित तिथि एवं समय तक संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को प्रस्तुत किये जा सकते हैं।

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग बी.एस. जामोद ने बताया है कि अदेय प्रमाण-पत्र निर्वाचन की घोषणा के पूर्व के वित्तीय वर्ष तक का प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रारूप में अदेय प्रमाण-पत्र ग्राम पंचायत के लिये सचिव, जनपद पंचायत के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और जिला पंचायत के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किया जायेगा।

अभ्यर्थी द्वारा जिस पंचायत के लिये नाम निर्देशन-पत्र भरा जा रहा है, उस पंचायत का अदेय प्रमाण-पत्र लगाना होगा। यदि अभ्यर्थी पूर्व में किसी अन्य पंचायत का पदाधिकारी/सदस्य रहा हो, तो उसे पूर्व पंचायत का भी अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अर्थात यदि कोई अभ्यर्थी पूर्व में सरपंच रहा है और अब जनपद/जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे जनपद/जिला पंचायत के साथ ग्राम पंचायत का भी अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसी प्रकार यदि कोई पूर्व जनपद पंचायत सदस्य या जिला पंचायत सदस्य ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे ग्राम पंचायत के साथ संबंधित जिला/जनपद पंचायत का भी अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिर्वाय होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *