पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा वर्ष 2020-21में आयकर रिटर्न भरने वाले बढ़े

ग्वालियर
 वित्तीय वर्ष 2020-21 का आयकर रिटर्न सितंबर में नहीं जमा कर पाए लोगों को विभाग ने राहत देते हुए विवरणी दाखिल करने के लिए 31 दिसंबर तक का मौका दिया है। पहले रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया था। ग्वालियर रीजन में अभी तक 56 हजार से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 42 हजार के करीब ही रिटर्न भरे गए थे। करदाता आयकर रिटर्न समय रहते दाखिल कर सकें इसके लिए विभाग की ओर से उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस और इ-मेल भी किए जा रहे हैं। करदाता भी सक्रिय हो चुके हैं और अपने कर सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपर्क कर रहे हैं। 31 दिसंबर के बाद आयकर विवरणी दाखिल करने पर पेनल्टी लग सकती है।

ये लग सकती है पेनल्टी
31 दिसंबर के बाद आयकर रिटर्न जमा करने पर करदाता पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। इसके लिए करदाता की आय यदि 5 लाख से कम और ढाई लाख से अधिक है तो एक हजार रुपए पेनल्टी लगाई जाएगी। वहीं करदाता की आय 5 लाख सेे अधिक है तो उस पर 5 हजार या 10 हजार रुपए स्लैब के हिसाब से पेनल्टी लगाई जा सकती है।

कोविड के कारण मिला था अतिरिक्त समय
आयकर रिटर्न जमा करने की यह तिथि कोरोना की वजह से बढ़ाई गई थी। जिन करदाताओं को ऑडिट नहीं करना होता, ऐसे करदाताओं की रिटर्न जुलाई के अंत तक जमा करना होता है। लेकिन इस तिथि को आगे बढ़ाकर 30 सितंबर किया गया। बाद में इसे 31 दिसंबर कर दिया गया था। इसके साथ ही आयकर विभाग के नए पोर्टल ने भी करदाताओं और कर सलाहकारों ने काफी समय तक परेशान किया था।

सही जानकारी दें, नहीं तो मिलेगा नोटिस
आयकर विभाग आपके आय के सारे स्त्रोतों और उससे होने वाली आय की सारी जानकारी रख रहा है। ऐसे में रिटर्न दाखिल करते समय काफी सावधानी रखनी होगी। विभाग के पास उपलब्ध जानकारी से कोई भी तथ्य यदि मिस मैच हुआ तो सीधा नोटिस भेजा जाएगा। एआइएस के जरिए करदाता वेतन, किराया, डिविडेंड, बचत, निवेश समेत अन्य स्त्रोत से आय, रिफंड में मिला ब्याज, संयंत्र और मशीन के किराए से आय, शेयर से आय, बीमा से कमीशन आदि की जानकारी ले सकता है।

 

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