सरकार 2050 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी धान, 21 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर

रांची
राज्य में किसानों से धान की खरीद और बदले में आसानी से भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक का सर्वाधिक आठ लाख मिट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। यह पिछली बार से दो लाख मिट्रिक टन अधिक है। धान खरीद के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये 1552 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के प्रस्ताव पर गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मुहर लग गई है। तय किया गया कि किसानों से 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सामान्य ग्रेड और 2070 रुपये प्रति क्विंटल की दर से  ए ग्रेड श्रेणी का धान खरीदा जाएगा। पचास प्रतिशत भुगतान धान खरीद केंद्र पर ही किया जाएगा।

बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए प्रधान सचिव वंदना दादेल ने बताया कि कैबिनेट 21 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। सरकार ने चार संवर्गों की नियुक्ति नियमावली में संशोधन इनमें भी स्थानीय स्तर पर दसवीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वालों को ही नौकरी की व्यवस्था की गई है।  उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2021-22 में धान अधिप्राप्ति योजना अंतर्गत झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान क्रय के लिये बैंक ऑफ इंडिया से 776 करोड़ और इतना भारतीय स्टेट बैंक से सरकार कर्ज लेगी। सरकार ने पूर्व में रिवाल्विंग फंड के रूप में 518 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया था, लेकिन करीब 300 करोड़ रुपये राइस मिलरों, लैम्पस पैक्सों, भारतीय खाद्य निगम के पास लंबित है। वसूली की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इस कारण किसानों को भुगतान में समस्या आई।

 

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