प्रदेश में चलेगी शीत लहर, धुंध से कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार

भोपाल
 मध्यप्रदेश में फिर से मौसम (MP Weather) में बदलाव देखने की स्थिति बन रही है। 10 दिसंबर से ठंड बढ़ने के साथ ही मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ेगी। इसके अलावा कोहरे और धुंध से कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग (MP Weather Department) की माने तो गुरुवार सुबह से ही सर्द हवाएं चलनी शुरू हो गई है। ठिठुरन बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रदेश में ग्वालियर (gwalior) को सबसे ठंडा जिला घोषित किया गया है।

मौसम विभाग की मानें तो अधिकतम और न्यूनतम तापमान (minimum temperature) में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है वहीं गुरुवार 9 दिसंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा आधे दर्जन जिलों में कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।

इसके अलावा शहडोल संभाग के जिलों में सामान्य से विशेष रूप से अधिक और ग्वालियर और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहे हैं। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में दर्ज किया गया है। ग्वालियर में पारा 0.5 डिग्री की गिरावट के साथ 7.5 डिग्री पर पहुंच गया है। इसके अलावा भोपाल में भी तापमान में 0.6 डिग्री की कमी देखी गई है।

 

इधर ग्वालियर के अलावा खजुराहो और नौगांव में भी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। दतिया में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है जबकि सीधी, गुना टीकमगढ़ नरसिंहपुर में भी तापमान में भारी गिरावट रही। मौसम विभाग के पूर्वानुमान की माने तो प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

हालांकि छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, बालाघाट, भिंड और मुरैना जिलों में कहीं-कहीं हल्के या मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। वही मौसम वैज्ञानिक ने गुरुवार सुबह से ही मौसम के बदलने के साथ ही रात में तापमान में तेजी से गिरावट की बात कही है। इंदौर में मंगलवार रात की तुलना में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

मौसम विभाग ने आने वाले 2 दिनों में ठंड और ज्यादा बढ़ने के आसार जताए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान के कुछ जगह पर सर्दी में तेजी बढ़ेगी। इसके साथ ही बारे में भारी गिरावट देखने को मिलेगा। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीत लहर चलने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में आने वाले दिनों में बर्फ गिरने से इसका असर मध्यप्रदेश और राजस्थान में देखने को मिलेगा जिसके कारण दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक ठंड में काफी बढ़ोत्तरी देखी जाएगी।

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