यूपी चुनाव: काशी और मथुरा पर ही बीजेपी का फोकस, मंत्रियों के बोल कर रहे इशारा
वाराणसी
यूपी में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, काशी और मथुरा को लेकर भाजपा की तरफ से बयानबाजी तेज हो रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बाद योगी सरकार में कैबिनेट और राज्य मंत्रियों में मंदिर मस्जिद को लेकर विवादित बयान देने की होड़ सी दिख रही है। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने काशी में मस्जिद को गेरुआ रंग में रंगने की घटना को लेकर कहा कि मेरा बस चले तो पूरे देश को भगवा में रंग दूं। वहीं, राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने आपत्तिजनक बयान दिया। आनंद स्वरूप शुक्ल ने कहा कि मंदिरों के बीच सफेद इमारत हिन्दुओं के दिल में शूल की तरह चुभती है। ऐसे में विपक्ष सवाल उठाने लगा है कि भाजपा अब विकास और अपने काम की जगह मंदिर-मस्जिद पर ही चुनाव में उतरने का मूड बना चुकी है।
क्या बोले मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल
मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने कहा कि मुझे ही नहीं, हर हिन्दू को मंदिर के बीच सफेद इमारत परेशान करती है। अयोध्या, मथुरा और काशी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी मुसलमानों ने मंदिरों को तोड़कर मस्जिद का स्वरूप दिया। अयोध्या में जहां रामलला का जन्म हुआ था, उसे भी मस्जिद का स्वरूप दिया गया था। उसी तरह काशी विश्वनाथ मंदिर के पास भी एक सफेद दीवार है। वैसे ही मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भव्य मंदिर परिसर में जो सफेद भवन है, वह हर हिंदू के सीने में शूल की तरह चुभता है।
मंत्री ने यहां तक कहा कि राममंदिर की तरह मथुरा में भी या तो कोर्ट के सहयोग से या फिर आपसी समझौते से जगह को खाली कराना होगा। उन्होंने राम मनोहर लोहिया का जिक्र किया। लोहिया का नाम लेकर उन्होंने कहा कि लोहिया ने कहा था, भारत के मुसलमानों को मानना पड़ेगा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण उनके पूर्वज थे। बाबर, औरंगजेब और अकबर आक्रमणकारी थे, उनके बनाए भवनों को अपने से ना जोड़ें।
इससे पहले वाराणसी में मंगलवार को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के रास्ते में पड़ने वाली मस्जिद को गेरुआ रंग में रंग देने को लेकर हुए विवाद के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि हमारा बस चले को पूरे देश को भगवा में रंग दें। राजभर ने कहा कि भारत का रंग भगवा है। भगवा से इतनी नफरत क्यों? भारत की पहचान और भगवान का दर्शन कराने वाला रंग भगवा ही है। मंदिर और मस्जिद में क्या फर्क है। दोनों भगवान का घर है और भगवान का घर भगवा ही होना चाहिए। मस्जिद को रंगने के बाद हुई आपत्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि विरोध वह लोग करते हैं जिन्हें भगवा की जानकारी नहीं है। संकीर्ण मानसिकता के लोग विरोध कर रहे हैं। मस्जिद पर भगवा लग गया तो लग गया, हटने वाली बात कहा है। हालांकि अधिकारियों ने विवाद को ज्यादा तूल नहीं देते हुए मस्जिद को दोबारा सफेद रंग में रंगवा दिया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले कोई विवाद तूल न पकड़े इसलिए अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे दोबारा सफेद रंग से रंगवा दिया है। लेकिन मंत्री के बयान से लगता है कि आगे मामला एक बार फिर गरमा सकता है।
