पूर्व राज्यपाल की मांग, सामाजिक अवस्था के आधार पर हो आरक्षण
भोपाल
मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने एक बार फिर आरक्षण की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट के जरिये कहा है कि आरक्षण को लेकर बार- बार सरकारें और न्यायालयों के बीच खींचतान चलती रहती है। अब समय आ गया है जब वोट की राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक अवस्था को ध्यान में लेकर इस पर सर्व सम्मत विचार करना चाहिए।
सोलंकी का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें आरक्षण घटाने के बजाय बढ़ाने पर आमादा हैं। एक अन्य ट्वीट में राजनेताओं पर तंज कसते हुए सोलंकी ने कहा है कि महात्मा गांधी ने देश को आजाद कराया, सरदार पटेल ने राज्यों को मिलाया और डा.अम्बेडकर ने देश चलाने के लिए सर्व समावेशी संविधान दिया।
इनके सोच में कुछ विषयों पर भिन्नता होते हुए भी राष्टृ हित में ये एक थे। आज राज नेताओं में ये संभव है क्या? सोलंकी ने यह भी कहा है कि लोकतंत्र में मांगें रखना, प्रदर्शन करना और जनमत तैयार करना सबका अधिकार है पर कानून हाथ में लेना और जन असुविधा पैदा करना अपराध की श्रेणी में आता है। उस पर कार्यवाही न होने पर अराजकता फैलेगी।
