पंचायत चुनाव के घोषित कार्यक्रम पर कांग्रेस ने लगाया आरोप सरकार के दबाव में हुई चुनावों की घोषणा
भोपाल
पंचायत चुनाव के ऐलान को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार के दबाव में चुनावों की घोषणा आननफानन में की है। इस चुनाव में कई नए मतदाता अपने मतदाधिकारी का उपयोग करने से वंचित भी रह जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस में निर्वाचन आयोग का काम के प्रभारी जेपी धनोपिया ने कहा कि एक जनवरी 2022 तक युवा 18 साल के हो जाएंगे वे वर्ष 2022 में होने वाले पंचायत चुनाव में ही मतदान नहीं कर सकेंगे। इससे साफ है कि राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने की जल्दी थी।
वहीं आरक्षण की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है। पुराने आरक्षण से अनुसार चुनाव करवाएं जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण 14 दिसंबर को होगा। इन सब से साफ है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने दबाव में चुनाव करवाने की घोषणा की है। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव होने पर भी आशंका है। इस संबंध में कांग्रेस न्यायालय में जाने की जगह पर राज्य निर्वाचन आयोग के सामने ही पहले अपनी बात रखेगी। इसके बाद पार्टी के सीनियर लीडर मिलकर तय करेंगे कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को लेकर क्या रणनीति बनाई जाना है।
