CBI ने आरोपी इंस्‍पेक्‍टर और दारोगा से की पूछताछ, दो घंटे तक किए सवाल

गोरखपुर
कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई ने शुक्रवार को आरोपित सस्पेंड इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा से करीब दो घंटे तक सवाल पूछे। चार पुलिसकर्मियों के बयान गुरुवार को ही लिए जा चुके थे। दोनों ही पुलिसकर्मी अपनी पुरानी कहानी दोहराते रहे। सीबीआई ने क्रॉस सवाल कर उनके बयान दर्ज किए। सीबीआई के चार अधिकारी एएसपी संजय शर्मा के नेतृत्व में सुबह 11.15 बजे जेल पहुंचे और वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में दोनों को एक-एक कर बुलाया गया। पहले अक्षय मिश्रा को बुलाया उसके बाद जेएन सिंह की बारी आई। करीब 1.30 बजे तक उनसे सीबीआई ने मनीष की मौत से जुड़े पहलुओं पर कई तरह के सवाल पूछे। पहले घटना का विवरण उनकी जुबानी सुना और फिर अपने सवाल किए। सीबीआई के सामने पहले दोनों पुलिसकर्मी खुद को बेकसूर बताते रहे और उन्होंने वही कहानी दोहराई, जिसे वे रोजनामचे में लिखकर फरार हुए थे। सीबीआई ने उस पर प्रतिप्रश्न पूछकर बयान दर्ज किए। बाद में सीबीआई के अधिकारी एनेक्सी भवन लौटे और वहां से एएसपी संजय शर्मा सहित तीन सदस्य सड़क मार्ग से लखनऊ लौट गए। अब सिर्फ विवेचक विवेक श्रीवास्तव ही गोरखपुर में रुके हैं। सीबीआई ने एनेक्सी भवन का सेफ हाउस अभी अपने कब्जे में ही रखा है। जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज अभी यहीं हैं। वहीं कुछ दस्तावेज और रजिस्टर लेकर टीम लौट गई है। गुरुवार को सीबीआई ने जेल में चार अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए थे।

सीबीआई ने प्रदीप का मोबाइल कब्जे में लिया
इस बीच उधर, गुरुग्राम से आए मनीष के दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह के मोबाइल फोन में भी घटना से जुड़े कुछ सबूत सीबीआई को मिले हैं। ऐसे में सीबीआई ने प्रदीप सिंह का मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि केस की चार्जशीट के वक्त आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। माना जा रहा है प्रदीप के मोबाइल में फोटो और वीडियो हैं।

 

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