यूपी चुनाव को लेकर प्रदेश में तैयारी, तैनात किए जाएंगे आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेता

भोपाल
प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में चुनावी संचालन और विधानसभाओं की जिम्मेदारी प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव की तरह शिवराज सरकार के मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की तैनाती यूपी चुनव के लिए किया जाना तय है। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने जिम्मेदारी तय करने का काम शुरू कर दिया है। खासतौर पर यूपी की सीमा से सटे जिलों के नेताओं और पदाधिकारियों की ड्यूटी आगामी तीन माह तक उत्तर प्रदेश में लगाई जाएगी।  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ सरकार का कार्यकाल पूरा होने वाला है और चुनाव आयोग जनवरी में यहां चुनाव की तारीख का ऐलान कर सकता है।

इसे देखते हुए यूपी भाजपा की मदद के लिए मध्यप्रदेश के साफ सुथरी छवि वाले और भाषण देने की अच्छी क्षमता वाले एमपी के नेताओं की ड्यूटी लगाए जाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में होने वाली 12 दिसम्बर की मंडल कार्यसमिति की बैठकों के बाद 15 दिसम्बर से यहां के नेताओं को यूपी भेजने का काम शुरू कर दिया जाएगा जो एमपी की सीमा से सटे यूपी के जिलों में प्रवास कर चुनावी गतिविधियों में शामिल होंगे और पार्टी की रणनीति के मुताबिक चुनाव प्रचार करने का काम करेंगे।

यूपी चुनाव के लिए जिन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, उनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के अलावा बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया के नाम शामिल हैं। तोमर और मिश्रा को तो पिछले चुनाव में 30 से 40 विधानसभा की जिम्मेदारी भी केंद्रीय नेतृत्व ने सौंपी थी और भाजपा को वहां जीत मिली थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, की चुनावी सभाएं यहां होंगी। पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों को चुनावी व्यवस्था में तैनात किया जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में यूपी में 11 फरवरी से वोटिंग शुरू हो गई थी और जनवरी में आचार संहिता लागू हो गई थी। इस साल भी ऐसी ही स्थिति रहेगी।

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