क्या ओमिक्रोण डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा खतरानक है ?

क्या ओमिक्रोण डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा खतरानक है ?कोरोना महामारी से लड़ाई अभी खत्‍म होने का नाम नहीं ले रही है. दुनिया जब कोरोना के डेल्‍टा वेरिएंट से जूझकर आगे बढ़ी भी वायरस भी नए वैरिएंट के साथ फिर लौट आया है. अब कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Variant) दुनियाभर के लिए चिंता का विषय है. अब लोगों के बीच इस तरीके के सवाल उठ रहे हैं कि यह पिछले डेल्‍टा वैरिएंट से कितना ज्‍यादा संक्रामक (transmissible) है और इसके संक्रमण की गंभीरता (severity) कितनी ज्‍यादा है.

वैसे तो ओमिक्रॉन को लेकर अभी तक दुनियाभर में जारी ही हैं मगर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने अपनी वेबसाइट पर कोरोना के नए रूप से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी हैं.

कितना संक्रामक है ओमिक्रॉन?

WHO के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं मगर अभी तक यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि ऐसा वायरक की ट्रांसमिसिबिलिटी की वजह से है या इसके कोई और कारण हैं. शुरूआती रिपोर्ट यही बताती हैं कि नया वैरिएंट कोरोना के डेल्‍टा समेत अन्‍य वैरिएंट्स से ज्‍यादा संक्रामक हो सकता है.

कितना सीवियर है इंफेक्‍शन?

यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा सहित अन्य वैरिएंट के संक्रमण की तुलना में ओमिक्रॉन का संक्रमण अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है या नहीं. आंकड़ों से पता चला है कि दक्षिण अफ्रीका में अस्पताल में भर्ती होने की दर बढ़ रही है, लेकिन यह ओमिक्रॉन के साथ अन्‍य वैरिएंट्स से संक्रमित होने वाले लोगों की कुल संख्या में बढ़ोतरी के कारण हो सकता है. वर्तमान में यह कहना सही नहीं होगा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के मरीजों की सीविएरटी ज्‍यादा है.

WHO के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट की गंभीरता के स्तर को समझने में कई दिनों से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगेगा. COVID-19 के सभी प्रकार, जिसमें डेल्टा और ओमिक्रॉन भी शामिल हैं, विशेष रूप से सबसे कमजोर इम्‍यूनिटी वाले लोगों के लिए गंभीर बीमारी या मौत का कारण बन रहे हैं. ऐसे में अपनी तरफ से बचाव रखना बेहद जरूरी है.

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