कैबिनेट: दंड विधि संशोधन विधेयक वापस लेगी सरकार, CM की अध्यक्षता में प्रस्तावों पर चर्चा
भोपाल
प्रदेश में पंद्रह हजार करोड़ रुपए खर्च कर छह नये मेडिकल कॉलेज भवन बनाए जाएंगे। वहीं बच्चियों से दुष्कर्म पर फांसी की सजा देने के लिए राष्टÑपति को अनुमति के लिए भेजे गए दंड विधि मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक को सरकार वापस लेगी। इन प्रस्तावों को मंजूरी देने आज कै बिनेट में चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालय राजगढ़, मंदसौर, मंडला, नीमच, श्योपुर और सिंगरौली में कॉलेज भवन बनाए जाने के लिए पंद्रह सौ करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति देने चर्चा की गई। वहीं राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017 में विधानसभा में चर्चा और पारित कराए जाने के बाद राष्टÑपति की मंजूरी के लिए भेजे गए दंड विधि मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक को वापस लेने के संबंध में भी चर्चा की गई।
#COVID19 के नए केस सामने आ रहे हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों से हैं। हमें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि तत्काल सावधानियाँ नहीं बरती गईं, तो स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए भोपाल में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए पूरे प्रदेश में सतर्कता की जरूरत है। pic.twitter.com/zWB8Ek59f0
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) November 30, 2021
इस संशोधन विधेयक के जरिए बारह वर्ष या उससे कम आयु की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया था। चूंकि केन्द्र सरकार ने इस संबंध में केन्द्रीय अधिनियम में प्रावधान कर दिया है इसलिए केन्द्र सरकार ने इस संशोधन विधेयक को वापस लेने का आग्रह किया था। इसीलिए इस प्रस्ताव पर आज कैबिनेट में चर्चा की गई।
राज्य वित्त निगम द्वारा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक सिडबी से लिए गए ऋण का निपटारा करने एकमुश्त समझौता योजना लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। गौरतलब है कि सिडबी ने 90 करोड़ रुपए की राशि पर एकमुश्त समझौता करने की सैद्धांतिक सहमति दी है जो किस्तों में दिया जाना है। यह राशि शासन निगम को लघु अवधि के लिए कर्ज के रुप में देगा जिसका भुगतान वह अपना नवनिर्मित व्यावसायिक कार्यालय भवन को बेच कर करेगा।
मध्यप्रदेश प्रशासनिक अधिकरण के सेवानिवृत्त सदस्यों को दूसरी परिवार पेंशन स्वीकृत किए जाने पर चर्चा की गई। मध्यप्रदेश राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान सीमेट को वर्तमान स्थान प्रशासन अकादमी से अलग कर स्वतंत्र इकाई के रुप में स्थापना करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। मॉयल लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत शेयर्स बॉयबेक प्रस्ताव में भाग लेने के संबंध में अनुसमर्थन देने पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।
प्रदेश की धान मिलिंग इकाईयों को तकनीकी उन्नयन के माध्यम से उत्पादित चावल की गुणवत्ता सुधार को प्रोत्साहित करने हेतु एमएसएमई विकास नीति 2021 के अंतर्गत अपात्र सूची में संशोधन प्रस्ताव पर चर्चा की गई। वित्तीय वर्ष 21-22 हेतु विद्युत कंपनियों की पूंजीगत योजनाओं तथा वित्तीय वर्ष 20-21 हेतु वितरण कंपनियों की उप पारेषण एवं वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना हेतु अनुमोदन लिए जाने पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।
