नए वैरिएंट पर अफवाहों के दौर के बीच सरकार मुस्तैद, 7 हजार से नीचे नए संक्रमितों का आंकड़ा

भोपाल
कोरोना प्रतिबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से चिंतित होने की जरुरत नहीं है। इससे डरना नहीं है लेकिन सावधान रहना है।मध्यप्रदेश में कोरोना को लेकर सारे प्रतिबंध हटाए जाने का निर्देश अभी भी लागू है। केवल स्कूलों को बच्चों की पचास फीसदी उपस्थ्तिि के साथ खोले जाने के निर्देश है। एक दिसंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिला क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटियों से चर्चा करने वाले है उसमें कोरोना प्रकरणों के ताजा हालात पर चर्चा करने के बाद सरकार कोई निर्णय ले सकती है।

राज्य सरकार ने कोरोना को लेकर छह अक्टूबर को कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे। सामूहिक आयोजनों को लेकर ये प्रतिबंध थे। प्रदेश में कोरोना के मामलों में लगातार कमी आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 नवंबर को कोरोना को लेकर चले आ रहे सारे प्रतिबंध हटाने का एलान किया था। इसके बाद मध्यप्रदेश में कोरोना को लेकर नाइट कर्फ्यू हटा दिया गया था। सार्वजनिक, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक खेल और मनोरंजन के आयोजन एवं कार्यक्रम पूरी क्षमता के साथ करने के निर्देश गृह विभाग ने जारी किए थे।

मेलों के आयोजन और चल समारोह के आयोजन की भी अनुमति दे दी गई थी।  सिनेमाघर, स्वीमिंग पूल शत प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। शादी-समाारोहों में भी अधिकमत सीमा का बंधन समाप्त कर दिया गया था। विवाह में बारात निकालने की अनुमति भी प्रशासन ने दी थी।  कल सीएम करेंगे जिला क्राइसेस समितियों से बात-एक दिसंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों चर्चा करेंगे।उसमें बढ़ते कोरोना प्रकरणों की समीक्षा के बाद जिलों की अनुशंसा पर कुछ निर्णय लिए जा सकते है।

स्कूल-कॉलेज भी पहले पूर्ण क्षमता के साथ खोलने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अभी चूंकि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोरोना वेक्सीन टीके नहीं लग पाए है इसलिए बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर इसी सोमवार से पचास फीसदी क्षमता के साथ स्कूल खोलने और आॅनलाईन कक्षाएं जारी रखने का निर्णय लिया गया था जो अभी भी लागू है। शादी या अन्य समारोहों पर कोई बंदिश नहीं है, हालांकि सतर्कता की अपील की गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भोपाल में कोरोना के 16 नए मामले सामने आने के बाद आज प्रभारी मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और भोपाल के अफसरों की बैठक बुलाई। इस आपात बैठक में सीएम चौहान ने कहा कि सभी केस अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं। इसलिए कलेक्टर भोपाल तुरंत सक्रिय होकर आवश्यक कदम उठाएं। कलेक्टर अविनाश लवानिया से उन्होंने कहा कि सभी 16 केसेस को आइसोलेट करते हुए इनके परिवार की कोरोना जांच कराएं और कांटेक्ट टेÑसिंग कराएं। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री भोपाल भूपेंद्र सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी और भोपाल संभाग व जिले के अधिकारियों की बैठक में  भोपाल एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि काटजू अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों को जांच के लिए चिन्हित कर रखें। उन्होंने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से कहा कि कोरोना से संबंधित आंकड़ों की जानकारी रोज सुबह उन्हें दी जाए।

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6,990  नए केस सामने आए जो कि पिछले 551 दिनों में सबसे कम हैं। रिकवरी रेट की बात करें तो यह 98.35% है जो कि मार्च 2020 के बाद से सबसे ज्यादा है। पिछले 24 घंटे में 10,116 लोग कोरोना से ठीक हुए। वहीं ठीक होने वालों की कुल संख्या 3,40,18,299 है। भारत में सक्रिय मामलों की संख्या 1,00,543 है जो कि पिछले 546  दिनों में सबसे कम है। डेली पोजिटिविटी रेट 0.69% है जो कि पिछले 57 दिनों से 2 प्रतिशत से नीचे है। वीकली पोजिटिविटी रेट 0.84% है जो कि पिछले 16 दिनों से 1 प्रतिशत से नीचे है।

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