कृषि कानूनों की वापसी पर राज्यसभा में भी मुहर, अब एक कलम की दूरी
नई दिल्ली
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन कृषि कानूनों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कृषि कानूनों की वापसी के बिल को लोकसभा से सुबह ही ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई और अब इसे राज्यसभा में पेश किया गया है। यही नहीं इस विधेयक पर उच्च सदन में चर्चा भी शुरू हुई है। इन कानूनों की वापसी को लेकर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उपचुनावों में हार के चलते सरकार ने इन कानूनों की वापसी का फैसला लिया है। इससे पहले सत्र की शुरुआत से पूर्व पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों से संसद में शांति के साथ सवाल पूछने की अपील की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमें देश हित के मुद्दों पर समझदारी और एकता के साथ बात करने की जरूरत है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह अहम अवसर है, जब हमें रचनात्क चर्चा करके देशहित में आगे बढ़ना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ आवाज प्रखर होनी चाहिए, लेकिन संसद और चेयर की गरिमा भी बनाए रखनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं की ओर से एमएसपी की गारंटी के लिए अलग से कानून बनाए जाने की मांग की जा रही है। इस शीत सत्र में कृषि कानून निरसन विधेयक के अलावा, अन्य 26 बिल भी सरकार के एजेंडे में हैं। यही वजह है कि भाजपा और विपक्ष ने अपने-अपने सांसदों को उपस्थित होने के लिए व्हिप जारी किया है।
