30 नगरों में नदी-शहर गठबंधन का आगाज
नई दिल्ली
जल शक्ति मंत्रालय ने गुरुवार को नदी शहर गठबंधन की शुरुआत की है। इसमें देश भर के 30 शहरों को शामिल किया गया है। इन सभी ने एक संयुक्त मसौदे पर हस्ताक्षर किए हैं। गठबंधन का मकसद शहरों की नदियों का विकास करना है। यह शहर नगर स्वच्छता, नदी संरक्षण, जल से जुड़े मुद्दों सहित अन्य विषयों पर एक दूसरे का अनुभव साझा करेंगे। उससे सीखेंगे तथा प्रगतिशील कार्य योजना पर काम करेंगे। कार्यक्रम में कानपुर का शहरी नदी योजना प्रबंधन स्वीकार किया गया है। इस तरह की योजना बनाने वाला कानपुर पहला शहर है।
जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में देश के 30 शहरों ने नदी शहर गठबंधन के मसौदे पर हस्ताक्षर किए। गठबंधन में जल शक्ति मंत्रालय, शहरी कार्य मंत्रालय तथा कई स्थानीय निकायों ने सहयोग किया है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), शहरी मामलों के राष्ट्रीय संस्थान (एनआईयूआई) की इसमें अहम भूमिका है।
इन 30 शहरों से गठबंधन की शुरुआत
जिन 30 शहरों से इस गठबंधन की शुरुआत हुई है, उनमें देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, वाराणसी, कानपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, बिजनौर, फर्रुखाबाद, कानपुर, बेगूसराय, मुंगेर, साहिबगंज, राजमहल, भागलपुर, पटना, महेशतला, जंगीपुर, हुगली-चिन्सुरा, हावड़ा, चेन्नई, भुवनेश्वर, औरंगाबाद, हैदराबाद, पुणे, उदयपुर व विजयवाड़ा शामिल हैं।
शहरों का निरंतर विकास
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में शहरों का निरंतर विकास हुआ है। इस वजह से कई तरह की चुनौतियां भी उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2050 तक देश में रहने वाले लोगों में हर दूसरा व्यक्ति शहरों में रह रहा होगा। शेखावत ने कहा कि ऐसे में हमने इस दिशा में कार्यों का पैमाना और गति नहीं बढ़ाई तो आने वाली पीढ़ियों के समक्ष समस्याएं खड़ी होंगी।
नदियों के संरक्षण की दिशा में काम
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि नदियों के संरक्षण की दिशा में काम हो रहा है, लेकिन यह कार्य केवल संसाधन और तकनीक से ही नहीं होगा बल्कि नदियों से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को जोड़ना होगा और इसे जन आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि देश जब आजादी के 75 वर्ष पूरा होने का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे में नदी शहर गठबंधन एक महत्वपूर्ण पहल है।
आने वाले समय में और अधिक शहर जुड़ेंगे
शहरी विकास मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि अभी नदी शहर गठबंधन से 30 शहर जुड़ रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में और अधिक शहर इससे जुड़ेंगे। 53 शहर ऐसे हैं, जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है। इनमें 42 शहर नदियों के किनारे स्थित हैं। मार्ग बदलने एवं अन्य कारणों से कई शहरों से नदियां दूर चली गईं। मिश्रा ने कहा कि ऐसे में नदी शहर गठबंधन एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां विभिन्न नगर स्वच्छता, नदियों के संरक्षण, जल से जुड़े मुद्दों सहित अन्य विषयों पर एक दूसरे के अनुभव साझा करेंगे, उससे सीखेंगे तथा प्रगतिशील कार्य योजना पर काम करेंगे।
महत्वपूर्ण कदम
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि लोगों को नदियों से जोड़ना एनएमसीजी द्वारा लोगों को नदियों और इसकी पारिस्थितिकी के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए की गई पहल का एक अनिवार्य हिस्सा रहा है। इस दिशा में नदी शहर गठबंधन एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से लोगों और नदियों के बीच जुड़ाव को स्थापित करने के लिए रिवर फ्रंट का विकास महत्वपूर्ण रहा है।
