एडीजे से मारपीट व पिस्टल तानने वाले आरोपित एसआई के वर्दी पर लगे खून की होगी फॉरेंसिक जांच
मधुबनी
झंझारपुर एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के साथ मारपीट और पिस्टल तानने के आरोपी घोघरडीहा थाना के एसआई अभिमन्यु शर्मा की वर्दी में लगे खून की फोरेसिंक जांच होगी। कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद झंझारपुर पुलिस एसआई की वर्दी को मुजफ्फरपुर फॉरेंसिक लैब में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के आईओ अरबिन्द कुमार ने झंझारपुर कोर्ट में आवेदन देकर वर्दी में लगे खून की फॉरेंसिक जांच कराने की आवश्यकता बता अनुमति मांगी थी। आवेदन को एसीजेएम अजय शंकर प्रसाद के समक्ष सोमवार को ही प्रस्तुत किया गया जिसकी स्वीकृति दे दी गई।
हाई कोर्ट के निर्देश पर मिलेगा सीसीटीवी फुटेज
झंझारपुर के एडीजे प्रथम अविनाश कुमार और घोघरडीहा के थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण के बीच हुई घटना के दौरान कोर्ट के सीसीटीवी फुटेज के लिए अभी पुलिस को इंतजार करना पड़ सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट के सीसीटीवी फुटेज हाई कोर्ट की इजाजत के बगैर किसी को भी नहीं दी जा सकती है। बता दें कि झंझारपुर की पुलिस ने घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के लिए स्थानीय कोर्ट में आवेदन दिया था।
चैम्बर की भी फोरेंसिक जांच
झंझारपुर के व्यवहार न्यायालय में एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के साथ घटी घटना में पुलिस घटनास्थल की भी फोरेंसिक जांच कराने का पहल शुरू कर दी है। इसके लिए घटना के आईओ अरबिन्द कुमार ने सोमवार को ही कोर्ट में आवेदन देकर इजाजत मांगी है। कानून के जानकारों का कहना है कि जिला सत्र न्यायाधीश की अनुमति मिलने पर ही पुलिस एडीजे प्रथम के चैम्बर की फोरेंसिक जांच करेगी।
न्यायपालिका और कार्यपालिका में टकराव घातक : दीना नाथ यादव
बिहार बार काउसिंल के सदस्य अधिवक्ता दीना नाथ यादव मंगलवार को झंझारपुर कोर्ट पहुंचकर एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के चैंबर में घटी घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वकालत खाना में अधिवक्ताओं के संग बैठकर पूरी घटना की विस्तार से जानकारी ली और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया । श्री यादव ने कहा है कि अगर न्यायपालिका, कार्यपालिका व विधायिका के बीच टकराव होता है तो यह लोकतंत्र के घातक है। उन्होने हाईकोर्ट के द्वारा इस मामले में स्वयं संज्ञान लेने की सराहना करते हुए बताया कि हमें उनके द्वारा दिए गए समय 29 नवम्बर की प्रतिक्षा करनी है।
