प्रदेश का सबसे ठंडा शहर ग्वालियर, दो वेदर सिस्टम बनने की वजह से ठंड हुई कम

भोपाल
राजधानी सहित प्रदेशभर में मौसम के तेवर बदले बदले से दिखाई दे रहे हैं। जिस समय कड़ाके की सर्दी होनी चाहिए थी उसी समय दिन का तापमान 30 डिग्री से ज्यादा बना हुआ है। ऐसे में दिन व रात में होने में सर्दी लगभग गायब सी हो गई है। अब बादल छंटने के बाद कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना बन रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एवं अरब सागर में अब दाब का क्षेत्र बना हुआ है। कर्नाटक पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इन दोनों वेदर सिस्टम की वजह से मौसम में नमी बनी है। इसी नमी के चलते मप्र में कई क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। जिसके चलते ठंडी कम हो गई है। इन सब कारणों के चलते हवा का रूख भी नहीं बदल रहा है। हवा के रूख बदलने एवं बादल छंटने के बाद तेज ठंड की शुरुआत हो सकती है।

एक ओर प्रदेशभर के ज्यादातर शहरों में रात्रि का तापमान 15 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, लेकिन ग्वालियर एक ऐसा शहर है जहां रात्रि का तापमान 8 डिग्री के आसपास है। हालांकि दिन का तापमान 28.6 डिग्री के करीब ही है। पिछले दिन ही रात्रि के तापमान में 5 डिग्री की गिरावट हुई है। मौसम विज्ञानियों का दावा है कि अगले दो से तीन दिनों में बादल छंटने की संभावनाएं बन रहीं हैं। इसके बाद पारे में तेजी से गिरावट होने की संभावना है।

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