राजस्व, पंचायत समेत कई विभागों में लालफीताशाही, रिपोर्ट तलब

भोपाल
राज्य शासन से स्थानांतरित किए जाने वाले अफसरों की रिलीविंग को लेकर जिलों में कलेक्टर गंभीर नहीं हैं। उधर शासन के तबादला प्रतिबंध हटाने के बाद किए गए तबादलों में भी सैकड़ों अफसर रिलीव नहीं किए गए हैं, जिसकी जानकारी शासन ने मांगी है। ऐसा ही मामला हरदा जिले का है जहां पदस्थ सहायक अधीक्षक भू अभिलेख (एएसएलआर) सुरेखा यादव को कलेक्टर ने दो तबादला आदेश के डेढ़ साल बाद भी रिलीव नहीं किया है।

उधर ऐसी ही स्थिति अनूपपुर जिले में पदस्थ आरईएस के उपयंत्री अमन डहेरिया के मामले में भी सामने आई है। हरदा जिले में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू अभिलेख सुरेखा यादव का स्थानांतरण 19 जून 2020 को हरदा जिले से बालाघाट जिले में किया गया था। शासन द्वारा बाद में आदेश में संशोधन करते हुए यादव को बालाघाट की बजाय 14 जुलाई 2020 को छिंदवाड़ा जिले में पदस्थ किया है।

लगभग डेढ़ वर्ष पहले स्थानांतरित इस अधिकारी को कलेक्टर द्वारा अब तक रिलीव नहीं किया गया है। यहां इसी अवधि में स्थानांतरित किए गए नायब तहसीलदार और अन्य विभागों के अधिकारी आदेश के तुरंत बाद रिलीव हो चुके हैं।  पर यादव के मामले में आयुक्त भू अभिलेख (सीएलआर) के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। बताया जाता है कि एएसएलआर होने के बाद भी एसएलआर की जिम्मेदारी संभाल रहीं यादव यहां से रिलीव नहीं होना चाहतीं।

उधर दूसरी ओर अनूपपुर जिले के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में पदस्थ उपयंत्री अमन डहेरिया के मामले में भी ऐसी स्थिति है। डहेरिया प्रभारी एसडीओ हैं और विभाग के अफसरों की बदौलत रिलीव नहीं हुए हैं। डहेरिया के विरुद्ध शिकायतें भी कलेक्टर सोनिया मीना तक पहुंची हैं लेकिन उन्हें पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के आदेश के बाद भी रिलीव नहीं किया गया है। इसी तरह की स्थिति अन्य जिलों और विभागों में भी है।

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