राजधानी दिल्ली प्रदूषण की हालत में सुधार,कंस्ट्रक्शन पर लगी रोक हटाई
दिल्ली
दिल्ली सरकार के मुताबिक राजधानी दिल्ली प्रदूषण की हालत में सुधार हुआ है। इसे देखते हुए निर्माण कार्यों और अवैध निर्माण तोड़ने संबंधी गतिविधियों को फिर से शुरु करने की इजाजत दे दी है। वैसे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए कई नियमों को अब भी बरकरार रखा गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहे हैं, इसलिए दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्यों (कंस्ट्रक्शन) पर लगी रोक हटाई है। लेकिन अगर कोई एजेंसी धूल नियंत्रण नियमों की अवहेलना करते पाई गई, तो दिल्ली सरकार बिना नोटिस के उसका काम रोक देगी और जुर्माना लगाएगी। वहीं दिल्ली सरकार ने गैर-जरूरी सामान लाने वाले ट्रकों की एंट्री को बैन करने के साथ ही कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम को 26 नवंबर बढ़ाने का फैसला किया है।
गोपाल राय ने बताया कि स्कूलों को दोबारा खोलने, दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की मौजूदा ‘वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था, ट्रकों के प्रवेश को लेकर 24 नवंबर को फैसला किया जाएगा। इस दौरान गैर जरुरी सामान लाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर बैन 26 नवंबर तक जारी रहेगा। साथ ही दिल्ली सरकार के सभी दफ्तर और कॉरपोरेशन (जरूरी दफ्तरों को छोड़कर) के कर्मचारी 26 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम में रहेंगे।
प्रदूषण रोकने के उपाय
गोपाल राय ने कहा कि सीएनजी से चलने वाली एक हजार निजी बसों को किराए पर लिया गया है। इन बसों पर ‘‘पर्यावरण बस सेवा'' लिखा होगा। इसके साथ कंस्ट्रक्शन साइट्स में 14 प्वाइंट्स गाइडलाइन के पालन को जरूरी किया गया है। उल्लघंन पर काम को बंद कर पेनाल्टी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर प्रदूषण में गिरावट दर्ज की जा रही है। अगर हवा की गुणवत्ता में सुधार जारी रहा तो प्रतिबंधों में और छूट मिल सकती है।
