स्कूलों में होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काउंसलिंग, सभी उत्कृष्ट और मॉडल स्कूल शामिल
भोपाल
प्रदेश के स्कूलों में अब आॅर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित कॅरियर काउंसलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। योजना के पहले चरण में प्रदेश के सभी उत्कृष्ट एवं मॉडल विद्यालयों को शामिल किया गया है। राष्टÑीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के सभी विद्यालयों में अब सभी विद्यार्थियों को संज्ञानात्मक, भावात्मक तथा साइकोमोटर डोमेन में आवश्यक क्षेत्रों में जानकारी प्रदान करने तथा कॅरियर विकल्प का सुझाव देने हेतु आॅर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से कॅरियर गाइडेंस गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इस योजना के संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक कॅरियर काउंसलिंग सेल का गठन किया जाएगा और दो-दो शिक्षकों को काउंसलर के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इन दो शिक्षकों को कॅरियर काउंसलर के रुप में चिन्हित किया जाएगा। इन दो शिक्षकों को कॅरियर गाइडेंस कार्यक्रम हेतु वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी संभागीय संयुक्त संचालीक अपने कार्यालय से एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। इसी प्रकार सभी जिलों के एडीपीसी ,समग्र शिक्षा अभियान अपने-अपने जिलों में इस योजना के क्रियान्वयन हेतु नोडल अधिकारी होंगे। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड में कॅरियर गाइडेंस सेल बनाने हेतु राशि उपलब्ध कराई गई है। जिला नोडल अधिकारी इस राशि से आवश्यक व्यवस्थाएं करेंगे।
कार्यक्रम हेतु पृथक से कम्प्यूटर व्यवस्था की जाएगी जिनमें कॅरियर कॉउंसलिंग सॉफ्टवेयर के उपयोग से शिक्षक विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर सकेंगे। इन सभी क म्प्यूटर हेतु वाई-फाई मॉडम सहित इंटरनेट कनेक्शन लगाए जाएंगे। अभिरुचि परीक्षण के लिए विद्यार्थी मोबाइल ला सकते है। विद्यार्थियों के पास मोबाइल नहीं होंने पर प्राचार्य तथा काउंसलर मोबाइल उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यक्रम हेतु मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग तथा आईसीएस संस्था लखनऊ के मध्य एक एमओयू हुआ है। जिसमें आईसीएस के तकनीकी सहयोग से प्रदेश के विद्यालयों में कॅरियर काउंसलिंग कार्य किया जाएगा।
