NLIU: परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले प्रोफेसरों पर एक्शन, कार्रवाई की उम्मीद

भोपाल
राष्टÑीय विधि संस्थान विवि (एनएलआईयू) के प्रोफेसर और अधिकारियों ने 226 विद्यार्थियों की बीएएलएलबी डिग्री में फर्जीवाड़ा कराया है। उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए पूर्व हाईकोर्ट के जज अभय कुमार गोहिल ने अनुशंसा तक की थी, जिसमें से एक्शन सिर्फ एक पर ही लिया गया। शेष पर एक्शन लेने के लिए अब एक कमेटी और गठित की जाएगी, जिसके बाद उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए एनएलआईयू को विधिक सलाह लेना होगी।

एनएलआईयू में कार्यरत डॉ. गयूर आलम, डॉ. कविता सिंह, विनय कुमार, प्रो यूपी सिंह, प्रो तपन मोहंती, धीरेंद्र कुमार सिंह, नारायण सिंह, सी राजेश्वर, अरीफ उद्दीन अहमद खान, कमलेश श्रीवास, रवि पांडे, आरकेएस गौतम, अंकित शर्मा और मोनिका राजे एक दशक तक चले परीक्षाओं के फर्जीवाड़े में भागीदारी की है।  पूर्व हाईकोर्ट जज गोहिल की जांच रिपोर्ट में उक्त अधिकारी व प्रोफेसरों पर एक्शन लेने को कहा गया है। सामान्य परिषद की बैठक में उक्त सभी अधिकारी और प्रोफेसरों को नोटिस तक दिए गए। इसके अलावा गत दिवस हुई बैठक में उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक कमेटी गठित करने की अनुमति दी गई है।

कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद एनएलआईयू विधिक सलाह लेगी। इसके बाद दोषी प्रोफेसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट के पूर्व जज की जांच रिपोर्ट की एक प्रति प्रदेश टुडे कार्यालय में प्रस्तुत है। इसमें उक्त सभी प्रोफेसर और अधिकारियों के नाम उजागर हो रहे हैं।

पूर्व जज गोहिल ने एनएलआईयू के बिगड़े परीक्षा सिस्टम को सुधारने की अनुशंसा जरूर की थी, जिसमें ज्यादा सुधार नहीं हो सका है। ऐसी जानकारी दी जा रही है कि अनुशंसा का पूर्णता से पालन नहीं किया गया है। इसके चलते दोबारा से परीक्षाओं में गड़बड़ी होने की संभावनाएं बनी हुई हैं। परीक्षाओं में गड़बड़ी करने पर सिर्फ रंजीस सिंह पर ही कार्रवाई करते हुए बर्खास्त किया गया। जबकि उसकी मिलीभगत में शामिल प्रोफेसर और अधिकारी एनएलआईयू में सेवाएं दे रहे हैं।

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