कार्तिक पूर्णिमा आज, स्नान, दान और पूजन का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली
ज्योतिष में पूर्णिमा तिथि को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि कार्तिक मास की पूर्णिमा को भगवान विष्णु के मत्स्यावतार का प्राकट्य हुआ था। इस वजह से इस तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने का महत्व शास्त्रों में वर्णित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था। जिसके कारण इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। वहीं सिख धर्म में इस दिन को बेहद खास माना जाता है। इस दिन सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव का अवतरण हुआ था। जानिए दान व पूजन का शुभ मुहूर्त-

कार्तिक पूर्णिमा पर नदी में स्नान का महत्व-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है। मान्यता है कि इस दिन स्वर्ग से देवतागण भी आकर गंगा में स्नान करते हैं। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान जरूर करना चाहिए। अगर आपका गंगा स्नान के लिए जाना संभव नहीं है तो घर पर ही पवित्र जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।

कार्तिक पूर्णिमा पर दान का महत्व-

कार्तिक पूर्णिमा के दिन हर व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन फल, अनाज, वस्त्र और गुड़ आदि चीजों का दान किया जा सकता है। शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि मां लक्ष्मी को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं मिठाई, दूध और नारियल का दान करने से धन की देवी माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

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