कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर लापरवाही बरत रही छग सरकार – बृजमोहन

रायपुर
भारतीय जनता पार्टी के विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों और वैक्सीनेशन को लेकर अक्षम्य लापरवाही दिखा रही है। प्रदेश सरकार कोरोना टीकाकरण की रफ़्तार रोजाना 1 लाख डोज तक भी नहीं पहुँचा पा रही है। अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के भयावह दौर के बावजूद प्रदेश सरकार के टूलकिटिया-चरित्र के चलते प्रदेश में अभी भी 40 लाख लोगों को पहले चरण का और 1.24 करोड़ लोगों को दूसरे चरण का टीका नहीं लग सका है। वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को जागरूक करने के प्रति प्रदेश सरकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैए के चलते प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमितों के प्रकरण तेजी से बढ़ रही है।

भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन का पर्याप्त भंडारण होने के बावजूद वैक्सीनेशन की रफ़्तार का धीमा होना प्रदेश सरकार की बदनीयती का परिचायक है। प्रदेश में अभी हालिया ताजा आँकड़ों के मुतााबिक वैक्सीन की 55 लाख से अधिक (कोवैक्सीन की 9.84 लाख और कोविशील्ड की 45.69 लाख) डोज उपलब्ध हैं। अग्रवाल ने कहा कि जब से प्रदेश में वैक्सीनेशन का काम शुरू हुआ है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ सरकार ने सिवाय केंद्र सरकार को कोसने के और कोई काम किया ही नहीं है। जब वैक्सीनेशन का जिम्मा प्रदेश सरकार के पास था, तब 42 दिनों में सिर्फ 7 लाख डोज का ही आॅर्डर किया गया था। इसके बाद जब केंद्र सरकार ने कोवैक्सीन दी तो प्रदेश में इसका भी टीका नहीं लगाया गया। यह बेहद शर्मनाक था कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव प्रदेश के लोगों को भ्रमित कर रहे थे। अग्रवाल ने कहा कि इनके परिणामस्वरूप  ही वैक्सीनेशन के लिए गाँवों तक पहुँचने वाले स्वास्थ्य विभाग के लोगों के साथ ग्रामीणों ने विवाद और मारपीट तक की थी। प्रदेश सरकार के इसी राजनीतिक नजरिए के चलते प्रदेश अब तक वैक्सीनेशन के मामले में पिछड़ा हुआ है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की रोकथााम के प्रति अपने टूलकिटिया चरित्र का प्रदर्शन कर रही प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कोरोना की भयावह लहर का शिकार बनाने पर आमादा नज? आ रही है। आज जबकि केंद्र सरकार पर्याप्त वैक्सीन मुहैया करा रही है और संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है तो फिर वैक्सीनेशन की इतनी धीमी रफ़्तार प्रदेश सरकार के नाकारापन की ही परिचायक है। वैक्सीनेशन के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे मुख्यमंत्री बघेल केंद्र से 1 करोड़ वैक्सीन मांग रहे हैं, लेकिन तथ्य यह है कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा आबादी और उपयोग के हिसाब से आवंटित वैक्सीन की उपयोगिता साबित ही नहीं होगी, वैक्सीन की अगली खेप आएगी नहीं। प्रदेश के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगाँव, कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जिलों में कोरोना मरीजों का लगातार बढ़ रहा आँकड़ा प्रदेश सरकार के षड्यंत्रपूर्ण इरादों की तस्दीक करने के लिए पर्याप्त है।

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