लोक-नृत्य आनंद के प्रकटीकरण का माध्यम

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनुष्य के अस्तित्व और सृष्टि के सृजन के समय से ही गाना, बजाना और नाच, जीवन का हिस्सा रहा है। ये कलाएँ जीना भी सिखाती हैं। अपने जीने और दूसरों के अस्तित्व को सार्थक बनाती हैं। मध्यप्रदेश के जनजातीय कलाकारों को मध्यप्रदेश सरकार पूरा संरक्षण और प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री चौहान आज प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा में जनजातीय गौरव दिवस पर लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने इन कलाकारों को मुख्यमंत्री निवास में स्वल्पाहार के लिए आमंत्रित किया था।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के प्रतिभावान जनजातीय कलाकारों को ढूंढ-ढूंढ कर तलाश किया और उन्हें पद्मजैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार दिए हैं। लोक-नृत्य से जुड़े कलाकार वास्तव में प्रतिभाशाली हैं। लोक-नृत्य आनंद का प्रकटीकरण करने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के आगामी स्थापना दिवस पर जनजातीय वर्ग के उत्कृष्ट कलाकार को विशेष सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। भोपाल के जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जनजातीय वर्ग की व्यापक भागीदारी हुई है। यह कार्यक्रम जनजातीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के उद्देश्य से महत्वपूर्ण अवसर था। राज्य सरकार इन वर्गों के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल आए जनजातीय कलाकारों को पाँच-पाँच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री चौहान के साथ मंच पर जनजातीय नेता कल सिंह भाबर, पद्मसुभूरी बाई और गोंड चित्रकार, भज्जू सिंह श्याम, संस्कृति मंत्री सुऊषा ठाकुर, प्रमुख सचिव संस्कृति, जनसंपर्क और पर्यटन शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में लोक-नृत्य प्रस्तुतियों की कोरियोग्राफर सुकविता नायर और उनके ग्रुप के सदस्यों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ अनेक कलाकारों ने सेल्फी ली और समूह छायाचित्र में भी शामिल हुए।

पहली बार जनजातीय कलाकारों को इतना अपनापन और सम्मान मिला-गोंड चित्रकार श्याम

प्रख्यात गोंड चित्रकार पद्मभज्जू सिंह श्याम ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जनजातीय कलाकारों इतना सम्मान और अपनापन दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों की पीठ थपथपायी है। भोपाल में हुआ यह कार्यक्रम हमारे जीवन का ऐतिहासिक पल बन गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने जनजातीय संग्रहालय में भी 14 नवम्बर को हमारे साथ नृत्य किए, हमारी कला को देखा और सराहा, यह गौरव और गर्व के पल थे। यह सभी पहली बार हुआ। श्याम ने सभी जनजातीय कलाकारों की तरफ से मुख्यमंत्री चौहान को विशेष धन्यवाद भी दिया।

संस्कृति मंत्री सुऊषा ठाकुर ने आभार व्यक्त किया। संस्कृति संचालक अदिति कुमार त्रिपाठी भी उपस्थित थे।

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