कैबिनेट बैठक: अशासकीय निधियों से होगा वनरोपण
भोपाल
राज्य सरकार भोपाल और इंदौर में एयरक्राफ्ट टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट की दर 25 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत करेगी। इससे सरकारी खजाने पर सालाना 64 करोड़ 85 लाख रुपए का भार आएगा। वहीं जबलपुर में शंकर शाह का म्यूजियम बनवाने के लिए राज्य सरकार इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज को निर्माण एजेंसी बनाएगी। कैबिनेट में चर्चा के बाद इन प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में भोपाल और इंदौर में एयर टरबाईन फ्यूल की दरें कम करने पर चर्चा की गई। वर्तमान में भोपाल और इंदौर में एटीएफ पर वेट 25 प्रतिशत है और जबलपुर, ग्वालियर तथा खजुराहो एयरपोर्ट पर एटीएफ पर वेट चार प्रतिशत तथा शेष स्थानों पर एक प्रतिशत है। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश में उड़ानों का विस्तार करने के लिए एटीएफ पर वर्तमान दरों को अधिक मानते हुए इनमें कमी करने का आग्रह किया है। युक्तियुक्त कर एक से चार प्रतिशत तक करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया गया था।
वित्त विभाग ने भोपाल और इंदौर में चार प्रतिशत वेट की दर करने पर सहमति जताई है। यदि दरें कम की जाती है तो सरकारी खजाने पर हर साल 64 करोड़ 85 जलाख रुपए का भार आएगा। इसके अलावा कैबिनेट में संयुक्त तथा सामुदायिक वन प्रबंध समितियों के माध्यम से सीएसआर और सीईआर एवं अशासकीय निधियों के उपयोग से बिगड़े वनों को सुधारने वनरोपण के लिए पौधरोपण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है।
स्थानीय समुदायों की वन आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने और बिगड़े वनों को पुनर्स्थापित करने में इससे मदद मिल सकेगी। स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यक्तिगत निधियों से भी स्थानीय समुदाय को साथ लेकर वन क्षेत्रों की पुनर्स्थापना की जाएगी। दस वर्षीय सूक्ष्म प्रबध योजना के तहत पौधरोपण के लिए न्यूनतम दस हेक्टेयर क्षेत्रफल का चयन किया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रजातियों को पौधरोपण में प्राथमिकता दी जाएगी। वन क्षेत्र की पुनर्स्थापना में भूमिका अदा करने के इच्छुक औद्योगिक समूह, निगमित निकाय, व्यक्ति या स्वयंसेवी संस्था वन मंडल या राज्य स्तर पर स्थापित वन विकास अभिकरण को अपना प्रस्ताव देंगे।
पौधरोपण के लिए निधियों का उपयोग कराने वाली संस्था, वन समिति, एवं वन विकास अभिकरण के बीच एक त्रिपक्षीय अनुबध्ां किया जाएगा। पौधरोपण के लिए निधि उपलब्ध कराने वाली संस्था को वन क्षेत्र या वनोपज पर किसी प्रकार का कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा। निधियां प्राप्त कराने के एवज में संस्थ को कार्बन क्रेडिट उपयोग करने का अधिकार होगा। राशि वन समिति के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। तीन वर्ष तक जीवित रहने वाले रोपण को सफल माना जाएगा। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में राजेशलाल मेहरा को अध्यक्ष और डॉ कृष्णकांत शर्मा को सदस्य बनाए जाने का अनुमोदन भी कैबिनेट से किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा भर्ती तथा सेवा की शर्ते में व्यवहार न्यायाधीश के स्थान पर व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड एवं वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश के स्थान पर व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड स्थापित किया जाएगा। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज को शजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के स्मारक एवं संग्रहालय जबलपुर के निर्माण के लिए 9 प्रतिशत पर्यवेक्षण शुल्क पर टर्न की बेसिस पर निविदा पद्धति का पालन करते हुए काम देने पर भी चर्चा की जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के जरिए 18 से 40 वर्ष के बारहवी पास युवाओं को रोजगार के लिए कर्ज दिलाए जाने पर भी चर्चा की जा रही है।
