भारत की इज्जत हजम नहीं कर पा रहे तुर्की के राष्ट्रपति, मोदी को मिले ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ पर भड़के
अंकारा/नई दिल्ली
कश्मीर पर बार बार पाकिस्तान के पक्ष में बोलने वाले और भारत को लेकर बार बार अपना भड़ास निकालने वाले तुर्की के राष्ट्रपति अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को मिल रही इज्जत और भारत की प्रतिष्ठा को पचा नहीं पा रहे हैं। ग्लासको शिखर सम्मेलन में भारत को जो स्पेशल ट्रीटमेंट मिला है, उसपर तुर्की के राष्ट्रपति ने जमकर भड़ास निकाली है, जबकि जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान तुर्की तमाम देशों के बीच उपेक्षित बना रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लासको शिखर सम्मेलन के दौरान मेजबान ब्रिटेन के लिए उस वक्त अजीब समस्या उत्पन्न हो गई, जब तुर्क ने ब्रिटेन के सामने एक 'देश' को 'स्पेशल ट्रीटमेंट' देने का आरोप लगाकर विरोध दर्ज कराया। तुर्की का इशारा सीधे तौर पर भारत था और तुर्की ने बैठक के दौरान मेजबान ब्रिटेन के सामने भारत के खिलाफ गुस्से का इजहार किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लासको में जलवायु परिवर्तन को लेकर हुई बैठक के दौरान इतने बड़े वैश्विक कार्यक्रम के लिए मेजबानी करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे। ग्लासको में कई सुविधाओं का अभाव था। लिहाजा यूनाइटेड किंगडम सरकार ने वैश्विक समुदाय के प्रतिनिधिमंडलों से होटल साझा करने का आग्रह किया। इसके साथ ही वैश्विक नेताओं को होटलों से आयोजन स्थल तक लाने और ले जाने के लिए भी बसो की व्यवस्था की गई थी। लेकिन तीन देशों के लिए स्पेशल व्यवस्था की गई थी और उन तीन देशों में ब्रिटेन, अमेरिका और भारत शामिल था।
इन तीन देशों के राष्ट्राध्यक्ष के लिए विशेष तौर पर बुक होटलों में रहने की अनुमति दी गई थी। वहीं, ग्लासको सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अपने अपने होटल से अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन मोटरसाइकिल से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे, जिसको लेकर तुर्की भड़का हुआ है। भारत को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा तुर्की भारत को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा तुर्की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन को ग्लासको सम्मेलन में कोई खास प्रोटोकॉल नहीं दिया गया और वो विश्व के दूसरे नेताओं के साथ ही बस में बैठकर सम्मेलन स्थल तक पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने ब्रिटिश सरकार के साथ अपनी नाराजगी जताई है।
