समाज में सेवा के लिए काम करें, प्रचार के लिए नहीं – राजेन्द्र लूंकड़

रायपुर
भारतीय जैन संघठना एक गैर राजनीतिक, गैर लाभकारी, गैर व्यावसायिक, गैर सहकारी संस्था है वह सब व सभी की लाभ के लिए सेवाभावी सामाजिक कार्यों से सरोकार रखती है। इसके तहत देश भर में एक साथ साझा कार्यक्रम बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। शिक्षा,स्वास्थ्य,परिवार व रोजगार पर पूरी तरह फोकस करते हुए कार्यक्रम तय किए जाते हैं। राजधानी रायपुर के जैन दादाबाड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक में 8 जोन समेत 40 शाखाओं के सदस्य शामिल हुए हैं। पहले दिन का कार्यक्रम शनिवार को मुख्यत: संगठन के कार्यों के उद्देश्यों को कैसे पूरा करें इसके लिए टे्रनिंग दी गई। नवकार मंत्र के बाद दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा के स्वागत भाषण उद्बोधन में बताया कि स्कूल कालेज में पढ?े वाले छात्राओं के बीच  आत्मविश्वास का विकास करने और उन्हे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने प्रदेश भर के स्कूलों में स्मार्ट गर्ल कार्यक्रम चलाया गया। इसमें हजारों छात्राओं ने शिरकत की और इसे काफी अच्छा प्रतिसाद मिला और जहां यह नहीं हो पाया वहां से भी कार्यक्रम करने का प्रस्ताव मिला। अलग अलग जिलों के लिए समन्वयक भी बनाए गए हैं जिन्हे 2023 तक इस कार्यक्रम को संचालित करने का लक्ष्य दिया गया है।

यह भी बताया गया कि जीवन में शादी व कैरियर दो महत्वपूर्ण विषय होते हैं। यहां पर चयन व तालमेल महत्वपूर्ण हो जाता है। हैप्पी कपल-हैप्पी होम कार्यक्रम भी काफी पसंद किया गया है। हमकों ही नहीं बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाना है। इसलिए पूरे समाज को दृष्टिगत रखते हुए काम करना है। आज के  युवाअंों में सोच बदल रही है, आज के मोटिवेशन कार्यक्रम में बताया गया कि कैसे पुरानी सोच व चीजों के साथ नई सोच व चीजों का तालमेल बिठाकर सफल होना है। जैन संघठना इस बात पर जोर देती है कि बहुत सी सरकारी योजनाएं हैं जिनकी जानकारी के अभाव में लोग लाभ नहीं उठा पातें हैं उन्हे ऐसे वर्गों तक पहुंचाना है। इनके अलावा ब्लड डोनेशन, स्कालरशिप, कैरियर काउंसलिंग, प्री मेडिकल कैम्प जैसे कार्यों को भी कैसे संचालित करना है ताकि अधिकाधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।
 
राष्ट्रीय अध्यक्ष का उद्बोधन-
भारतीय जैन संघठना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र लूंकड़ का उद्बोधन काफी सारगर्भित रहा। उन्होने कहा कि काम करने का अपना अलग रीजन होता है जैसे कि आप बातचीत कर रहे है तो एक मिनट में उस व्यक्ति के बारे में जान नहीं सकते है। दो-चार घंटे बैठने के बाद ही उसके स्वभाव के बारे में पता चलता है। भारतीय जैन संघठना एक प्लेटफार्म है जिसमें हम सभी को मिलकर विश्वास के साथ काम करना है। संगठन ने जो काम हमें सौपा है उसे हम नियोजन करते हुए चेंज करने के बारे में चिंतन करते है और उसे महसूस करते हुए कार्य करते है। भगवान ने हमें इस संसार में भेजा है तो कुछ कार्य करने के लिए ही भेजा होगा। भगवान ने संकल्प और विश्वास दिया है तो वह है मानव क्योंकि सारे जीवन योनि में सबसे विवेकी मानव को बनाया है। इसलिए हमें विवेक पर कार्य करते हुए समाज को आगे बढ़ाना है। हमेंशा अपने मन को सकुन देने वाला कार्य करें। काफी बड़ी व गंभीर बातें उन्होने कही कि पेपर के फ्रंट पेज में जगह पाने की जगह लोगों की सेवा के लिए काम करें। इसका तात्पर्य यह कि काम करें-सेवा करें पर प्रचार के लिए लिए नहीं।

छत्तीसगढ़ में भारतीय जैन संघठना की शुरूआत एक सदस्य से हुई और आगे बढ़ते हुए एक हजार सदस्य बने और अब गांव-गांव से भी भारतीय जैन संंघठना से कार्यकर्ता जुड़ रहे है और अब तक 10 हजार से अधिक कार्यकर्ता संगठन से जड़ चुके है। कोविड – 19 के समय भारतीय जैन संघठना ने बहुत अच्छा काम किया और यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।  भाषण होता क्या है इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि भाषण से कुछ होता है या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन भाषण से बातचीत और सवाल जरुर होता है और इसे सुनने और जानने मौका मिलता है। महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ में भारतीय जैन संगठना अच्छा काम कर रही है क्योंकि यहां के लोग लगन के साथ काम करते हुए संगठन से जुड़े हुए है। कार्यक्रम में महासचिव सम्प्रति सिंघवी, राष्ट्रीय सचिव संजय सिंघई, राष्ट्रीय सदस्य राजेश जैन, महासचिव मनोज लुंकड व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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