कमलनाथ ने बुलाई जनजातीय विधायकों की बैठक, कांग्रेस अभी से बनाएगी रणनीति
भोपाल
प्रदेश में जनजातीय वर्ग को अपनी पार्टी की तरफ आकर्षित करने की होड़ में कांग्रेस विधानसभा की हर आरक्षित सीट को लेकर अपनी अलग रणनीति बनाने जा रही है। इसके लिए कमलनाथ आदिवासी विधायकों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में पूर्व विधायकों को भी बुलाया गया है।
मध्य प्रदेश की सियासत में जनजातीय वोट और उनके लिए आरक्षित सीट बहुत अहम हो चुकी है। प्रदेश में इन दिनों भाजपा, कांग्रेस की राजनीति और रणनीति इस वर्ग के आसपास ही चल रही है। इस कड़ी में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक सक्रिय हो गए हैं। वहीं कांग्रेस भी इस वर्ग को साधने की पूरी तैयारी में है। कमलनाथ 15 नवंबर को जबलपुर में सम्मेलन कर रहे हैं। इसके बाद वे 24 नवंबर को आदिवासी विधायक एवं विधायकों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में आने वाले समय में जनजातीय में पैठ और मबजूत करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। इस रणनीति के तहत काम किया जाएगा। इसमें कांग्रेस के ढाई दर्जन विधायकों के अलावा पूर्व विधायकों को भी बुलाया गया है। विधायकों से उनके क्षेत्र का पूरा डाटा आदि भी मांगा गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि महंगाई के खिलाफ रविवार से प्रदेश भर में जनजागरण अभियान शुरू हो रहा है। इसके बाद कांग्रेस बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं और अन्य मुद्दों को भी जनजागरण अभियान चलाकर उठाएगी। सिंह ने कहा कि जनजागरण अभियान चलाने के लिए 12 नवंबर को महाराष्टÑ के वर्धा में ट्रैनिंग कैंप लगाया गया। हर राज्य से पांच लोगों को इसमें ट्रैनिंग दी गई। ये हर लोकसभा में दस-दस टैÑनर तैयार करेंगे। ये ट्रैनर हर सेक्टर और मंडलम में चुने हुए कार्यकर्ताओं को ट्रैनिंग देंगे। इस तरह 14 नवंबर तक ट्रैनिंग का कार्यक्रम चलेगा। इसके लिए हम जनजागरण अभियान के तहत सभी नेता पदयात्रा भी करेंगे और रात्रि विश्राम भी उसी क्षेत्र में करेंगे।
