कर्मचारी के घर वैक्सीन की 4 हजार डोज मिली, बिना लगे लोगों के मोबाइल पर आने लगे मैसेज

उन्नाव
कोविड-19 वैक्सीनेशन की दूसरी डोज का ग्राफ बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा खेल कर दिया। दरअसल, लोगों के मोबाइल फोन पर बिना वैक्सीन लगाए ही कोविड-19 की दूसरी डोज लगने का मैसेज आने लगा। इस मामले में लोगों ने स्थानीय विधायक और सीएमओ से मामले की शिकायत की। शिकायत सामने आने के बाद सीएमओ ने सीएचसी पर छापा मारा। छापे में स्टाक रजिस्टर में भी वैक्सीन की खपत और उपलब्धता में अंतर मिला है।
 
मामला उन्नाव जिले के मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है। कुछ दिनों पहले दूसरी डोज लगाने के मामले में उन्नाव जिले के पिछड़ने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने टीकाकरण बढ़ाने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद सीएचसी मियागंज में रजिस्ट्रेशन कराए लोगों के मोबाइल फोन पर बिना वैक्सीन लगाए ही दूसरी डोज लगने का मैसेज आने लगा। इधर लोगों ने वैक्सीन न लगने के बाद भी मोबाइल पर मैसेज आने की शिकायत सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर से की।
 
शिकायत मिलने के बाद सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर ने अधिकारियों से पूछताछ की तो एक कर्मचारी ने पोर्टल पर फर्जी वैक्सीनेशन रिकार्ड अपडेट किए जाने की जानकारी दी। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, विधायक ने इसे गंभीर अपराध बताकर जिलाधिकारी, सीएमओ व अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। इस बीच सीएमओ डा. सत्यप्रकाश ने सीएचसी में जांच की तो वहां स्टाक में रखी वैक्सीन की चार हजार डोज (चार सौ वायल) नहीं मिलीं। बाद में उन्हें लगाने के लिए कर्मचारी के घर से फिर मंगवा लिया गया, लेकिन इसी बीच किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
 
खबर के मुताबिक, प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आफताब, आइओ का चार्ज देख रहीं एएनएम संगीता ने वैक्सीन की चार हजार डोज (चार सौ वायल) चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रानी के घर रखवा दीं। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया है कि आइस लाइन्ड रेफ्रिजरेटर में गड़बड़ी के कारण वैक्सीन कर्मचारी के फ्रिज में रखवा दी थीं, लेकिन रेफ्रिजरेटर खराब होने की सूचना नहीं दी। जांच में एसडीएम हसनगंज और एसीएमओ डा.आरके गौतम शामिल रहे। सीएमओ ने कहा कि डॉक्टर को हटा दिया गया है जबकि दोनों कर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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