जीका का रहस्य:  माइनस 20 डिग्री पर शताब्दी से दिल्ली भेजे गए कानपुर के 84 मच्छर, कैसे फैला रहे संक्रमण

 कानपुर 
जीका संक्रमण की गम्भीरता और शहर में प्रसार की आशंकाओं के बीच कानपुर से पकड़े गए 84 मच्छर शताब्दी एक्सप्रेस से राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (एनएमआरआई) दिल्ली भेजे गए हैं। माइनस 20 डिग्री तापमान वाले विशेष तरह के बने मीडियम (बॉक्स) में मच्छरों को भेजा गया है, ताकि इनकी आनुवांशिक जांच हो सके। इससे वातावरण में मौजूद अन्य मच्छरों में जीका वायरस की मौजूदगी और उसकी आक्रामकता का पता चलेगा।

पूर्व में पोखरपुर और परदेवनपुरवा क्षेत्र से पकड़कर भेजे गए सभी 16 मच्छरों की जेनेटिक रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब दूसरी बार मच्छर जांच के लिए भेजे गए हैं, जो इन दोनों क्षेत्रों के अलावा एयरफोर्स परिसर से पकड़े गए हैं। कुछ मच्छर तीन किलोमीटर दायरे से बाहर के भी हैं ताकि उनकी जांच से शहर के अन्य इलाकों की स्थिति का पता किया जा सके। मच्छरों की जांच से यह पता चलेगा कि उनमें जीका या कोई दूसरी वायरस है? कहीं जीका वायरस म्यूटेट तो नहीं कर गया है? मच्छर किस तरह ब्रीडिंग कर रहे हैं यानी उसकी टेंडेंसी कैसी है? कोई नए तरह का मच्छर तो नहीं है? सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने पुष्टि की कि मच्छरों को जांच के लिए एनएमआरआई दिल्ली भेजा जा रहा है। कुछ सैम्पल पुणे भी भेजे जा सकते हैं, ताकि क्रॉस चेकिंग हो सके।

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