टैक्सपेयर्स को मिले एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड
नई दिल्ली
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में टैक्सपेयर्स को अबतक 1,02,952 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड किया गया है। सीबीडीटी ने ट्विटर पर लिखा है कि आयकर रिफंड के तहत 76,21,956 टैक्सपेयर्स को 27,965 करोड़ रुपये और कंपनी कर श्रेणी में 1,70,424 टैक्सपेयर्स को 74,987 करोड़ रुपये वापस किये गए। ''सीबीडीटी ने एक अप्रैल, 2021 से 25 अक्टूबर, 2021 के बीच 77.29 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स को 1,02,952 करोड़ रुपये का रिफंड किया है।'' आयकर विभाग ने ट्विटर पर लिखा है, ''इसमें 6,657.40 करोड़ रुपये के 46.09 लाख रिफंड आकलन वर्ष 2021-22 के हैं।''
आयकर विभाग ने कर ऑडिट उपयोगिता फार्म पेश किया
आयकर विभाग ने अपने पोर्टल पर वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए कर ऑडिट उपयोगिता फार्म को पेश किया है। यदि वित्त वर्ष 2020-21 (आकलन वर्ष 2021-22) में व्यापार की बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियां 10 करोड़ रुपये से अधिक हैं, तो आयकर कानून के तहत टैक्सपेयर्स को अपने खातों का ऑडिट करवाना जरूरी है। पेशेवरों के मामले में यह सीमा 50 लाख रुपये है।
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए यह सीमा क्रमश: पांच करोड़ रुपये और 50 लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कर ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2022 है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इसे 15 जनवरी 2021 तक दाखिल करना था, हालांकि कंपनियां अभी भी संशोधित कर ऑडिट रिपोर्ट दाखिल कर सकती हैं।
