कैबिनेट बैठक: किसान-कंज्यूमर्स को राहत, गरीबों को घर पर राशन देगी सरकार
भोपाल
प्रदेश के किसानों और घरेलु उपभोक्ताओं को रियायती बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने बिजली कंपनियों को 22 हजार 500 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों में राशनकार्डधारकों को अब सरकार घरपहुंच राशन सेवा देगी। आचार संहिता वाले क्षेत्रों में फिलहाल इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। कैबिनेट ने इन दोनों प्रस्तावों को आज मंजूरी दे दी।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल कैबिनेट बैठक में किसानों, गरीबों के हित में निर्णय लिया है। किसानों को रियायती बिजली देने के लिए 15 हजार 722 करोड़ रुपए और घरेलु उपभोक्ताओं का रियायती दरों पर बिजली देने के लिए बिजली कंपनियों को 5 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। दस हार्सपावर तक क्षमता वाले कृषि पंप उपभोक्ता को 750 रुपए प्रति हार्सपावर प्रति वर्ष की फ्लैट दर लागू रहेगी। शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। इसके लिए विद्युत वितरण कंपनियों को 9876 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश के 21 लाख 75 हजार किसान लाभान्वित होंगे। दस हार्सपावर से अधिक क्षमता के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप उपभोक्ता से पंद्रह सौ प्रति हार्सपावर प्रति वर्ष की फ्लैट दर देय होगी।
प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों में मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के तहत राशन उपभोक्ताओं को राशन घर पर पहुंचाकर दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। योजना नवंबर 2021 से लागू होगी। सामग्री घर तक पहुचाने के लिए अनुसूचित जनजाति के युवाओं को अनुबंधित किया जाएगा। इसके लिए वाहन खरीदने दो लाख रुपए से तीन लाख रुपए तक की सबसिडी दी जाएगी। पविरहनकर्ता को केवल 25 हजार रुपए देना होगा शेष राशि कर्ज के रुप में मिल सकेगी। हम्माली, र्इंधन का खर्च सरकार उठाएगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि असमय वर्षा के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे किसानों को आश्वस्त करते हैं कि वे चिंता न करें। सर्वे करके क्षति का आंकलन किया जाएगा और किसानों को राहत पहुंचाई जाएगी।
