पैसो का खेल,हृदयघात से मृत्यु को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे सर्पदंश से होना बताया

जांजगीर
नवागढ तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगांव के आश्रित गांव पिपरा के हृदयाघात से मृत युवक की मौत को बम्हनीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डाक्टर ने पोस्टमार्टम में सर्पदंश से मृत बताकर शासन से मिलने वाली राशि को मिली भगत से हडप कर गये।

यद्यपि घटना इस वर्ष 26 जुलाई की है जिसका पता सूचना के अधिकार के तहत युवक अशोक कर्ष ने जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट की छायाप्रति मागी उसमे इस बात का खुलासा हुआ। मिली जानकारी के अनुसार नवागढ तहसील अंतर्गत ग्राम पिपरा का युवक अंकुश महंत पिता रविदास महंत रात्रि तीन बजे अपने कमरे मे बेहोश हालत मे मिला उसकी अचानक तबियत खराब हुई। घरवालों ने उसे बम्हनीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आये, जहां उसकी ही मृत्यु हो गयी।

यह घटना 26 जुलाई 2021 की है और इसी दिन उसका पोस्टमार्टम हुआ और थाने में उसकी सूचना दी गयी। पोस्टमार्टम के अनुसार युवक अंकुश महंत की मृत्यु सर्पदंश से बताई गयी थी। शासन के नियमानुसार सर्पदंश जैसी प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर शासन द्वारा 4 लाख देने का प्रावधान है अत: घरवालों ने मुआवजा राशि के लिए तहसील नवागढ मे आवेदन दिया और वह प्रकरण स्वीकार कर लिया गया। अब इस मामले मे नया मोड़ आया है। ग्राम पिपरा के युवक अशोक कर्ष ने सूचना के अधिकार मे पोस्टमार्टम की छायाप्रति मांगी है और युवक का आरोप है कि स्व.अंकुश महंत की मृत्यु सर्पदंश से नही हुई है बल्कि हृदयाघात से हुई है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार प्रभारी डा . एस के पटेल .ने इस शर्त पर कि मुआवजा राशि मिलने पर एक लाख रुपए देना होगा , उसे सर्पदंश से मृत्यु होना बताया है।

बताया जा रहा है कि बम्हनीडीह के प्रभारी डाक्टर पटेल के द्वारा पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को रुपए के एवज मे मनमर्जी से बदला जाता है जिससे शासन से मुआवजा राशि घरवालों को मिल सके। सामान्य मृत्यु पर मृतक के वारिस को गरीबी रेखा में आने पर एक लाख की सहायता राशि दी जाती हैं वही प्राकृतिक आपदा और दूर्घटना से मृत्यु होने पर चार लाख की सहायता राशि शासन देती है और इस राशि प्राप्त करने के लिए मृतक के घरवाले दलालों को एक से दो लाख देने तैयार हो जाते है। इस बात की आशंका इसलिए भी जताई जा रही हैं कि ग्राम पिपरा नवागढ जनपद और नवागढ थाना मे आता है और ग्राम पिपरा से बम्हनीडीह की दूरी 25 किमी है जबकि नवागढ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मात्र पंद्रह किमी है ऐसे मे एक बेहोश युवक को 15 किमी दूर ले जाना शक को यकीन मे बदल रहा है। शिकायत कर्ता ने बताया कि मृतक के बिसरा की जांच किया जाने के बात वास्तविक मुद्दा सामने आ सकता है।

पूरे जिले में दलालसभी योजनाओं मे दलाल सक्रिय
विदित हो कि पूरे जिले मे शासन द्वारा सहायता राशि दिलाने दलाल लगे हुए है और यह दलाल कभी एक तो कभी दो लाख तक मृतकों के परिवारों से वसुल करते है। गांव के गरीब.और योजनाओं से अंजान ग्रामीण जो मिले वही सही सोचकर हा कहते है और दलालो से हा कहते है परंतु जिले मे पहली बार है जब कोई डाक्टर इस तरह की धोखाधड़ी मे शामिल है।

इन्होने कहा
ऐसा बिल्कुल नही है। दायें पैर के अंगुठे मे सांप काटने के निशान है और मैने बिल्कुल सही पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिखी है। ये सारे आरोप झूठे है।
डा. सुरेश पटेल बम्हनीनडीह, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र

मृतक की बिसरा की जांच किया जाए स्पष्ट हो जाएगा
शिकायतकर्ता, पिपरा

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