प्रदेश में राजधानी सहित 20 जिलों में बारिश के आसार

 भोपाल
वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी महाराष्ट्र और उसके आसपास बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्वी-पश्चिमी) का टकराव हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन दो वेदर सिस्टम के कारण राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। सोमवार-मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। विशेषकर होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के अधिकांश जिलों में बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि सोमवार को होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। रीवा, सागर, जबलपुर एवं शहडोल संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान उमरिया, मंडला, बालाघाट, सिवनी, डिंडोरी, श्योपुरकला, शिवपुरी, बैतूल, बुरहानपुर, राजगढ़, गुना जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।

क्यों बिगड़ा है मौसम का मिजाज

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि दक्षिणी महाराष्ट्र पर बने सिस्टम के कारण बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इसके अतिरिक्त बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं आ रही है, जबकि अरब सागर से पश्चिमी हवाएं आ रही हैं। विपरीत दिशाओं की इन हवाओं का मध्यप्रदेश में आपस में टकराव हो रहा है। इस वजह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। शुक्ला के मुताबिक बौछारें पड़ने का सिलसिला अभी दो दिनों तक बना रह सकता है। उसके बाद मौसम साफ होने लगेगा।

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