कोरोना की दूसरी लहर के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ी, गूगल मोबिलिटी रिपोर्ट से समझें हालात
नई दिल्ली
देश में कई राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव घटने के बाद लोगों की आवाजाही घरों के करीब सिमटे रहने के बजाय सार्वजनिक और काम की जगहों पर बढ़नी शुरू हो गई है। साथ ही अब लोगों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर करना भी शुरू कर दिया है। देश के कई राज्यों में इनका इस्तेमाल राष्ट्रीय औसत के मुकाबले ज्यादा हो रहा है। ये रूझान गूगल मोबिलिटी रिपोर्ट के 10 अक्तूबर को जारी आकलन के आधार पर है। रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी किराना और दवा की दुकानों के पास ही आवाजाही सबसे ज्यादा है। पार्कों, खाने-पीने और मनोरंजन की जगहों पर लोग ज्यादा नहीं जा रहे हैं। रिपोर्ट में बताए गए राष्ट्रीय औसत के मुताबिक, बेसलाइन यानी 3 जनवरी से 6 फरवरी 2020 के दौरान के औसत के मुकाबले खाने-पीने और मनोरंजन की जगहों पर लोगों की आवाजाही 6 फीसदी कम है। हालांकि, कई राज्यों में इसमें इजाफा भी देखा गया है।
ये आंकड़ा यूपी 1, दिल्ली में 16, हरियाणा में 4 और झारखंड में जहां 9 फीसदी कम है तो वहीं बिहार में 14 और उत्तराखंड में 13 फीसदी ज्यादा है। किराना और फार्मेसी की बात की जाए तो देशभर में यहां आवाजाही 38 फीसदी ज्यादा है। यूपी में 55, दिल्ली में 20, बिहार में 59, हरियाणा में 35, उत्तराखंड में 50 और झारखंड में 49 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा पार्कों में हरियाणा को छोड़कर सभी राज्यों में इसमें बढ़त देखी गई है।
सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने के साथ-साथ बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की आवाजाही के रुझान राष्ट्रीय स्तर पर 11 फीसदी है। वहीं, यूपी में 19, दिल्ली में 3 बिहार में 32, हरियाणा में 5, उत्तराखंड में 56 और झारखंड में इसमें बेसलाइन से 23 फीसदी का इजाफा देखा गया है।
काम करने की जगहों के आसपास आवाजाही की बात की जाए तो बिहार में तो इसमें राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा वृद्धि देखी गई है। पूरे देश में 8 फीसदी लोगों की आवाजाही बेसलाइन के मुकाबले बढ़ी है। वहीं, दिल्ली में ये 2 तो झारखंड में एक फीसदी गिरी है। यूपी में इसमें बेसलाइन से 6, बिहार में 10, हरियाणा में 7 और उत्तराखंड में 4 फीसदी का इजाफा देखा गया है।
