दुनिया में कोरोना मृत्यु दर सालभर बाद निचले स्तर पर, डेटा से समझें कैसे मौत पर किया गया काबू

 नई दिल्ली 
कोरोना संक्रमण से जूझ रही पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर है कि मरीजों के मौत की दर अब 38 फीसदी घट गई है। वर्डोमीटर्स के मुताबिक, दुनिया में अब संक्रमण से मृत्यु की दर 2.2 प्रतिशत रह गई है जो अब तक के न्यूनतम स्तर पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मृत्युदर में आयी रिकॉर्ड कमी के बारे में कहा कि हम यह सफलता टीकाकरण के बल पर हासिल कर पाए हैं।

महामारी की शुरूआत में 42 फीसदी हो रही थीं मौतें
वर्डोमीटर्स के मुताबिक, पिछले साल फरवरी में जब संक्रमण फैलना शुरू हुआ तो दुनिया में संक्रमण से मृत्युदर की दर 40.27 प्रतिशत थी। अगले महीने मार्च में मृत्युदर घटी और 12 मार्च-2020 को मृत्युदर 6.6 प्रतिशत रह गई। हालांकि, अप्रैल में फिर उछाल आया और 5 अप्रैल को 20.64 प्रतिशत हो गई।यह वह वक्त था जब दुनिया के ज्यादातर देशों ने तालाबंदी की घोषणा कर दी थी। जिससे मौतों में कमी आने लगी और इलाज के नए-नए तरीके भी सामने आने लगे थे। 8 मई, 2020 को मृत्युदर में 5 प्रतिशत की कमी आयी। फिर आठ जून को मृत्युदर घटकर 10 प्रतिशत से नीचे आ गई जो नवंबर में घटकर 3.5 प्रतिशत हो गई।
 
अमेरिका में 15 नवंबर, 2020 से टीकाकरण की शुरूआत हुई और दिसंबर के अंत तक कई पश्चिमी देश टीकाकरण कराने लगे थे। जिसका लाभ मृत्युदर में कमी के रूप में देखा गया। वर्डोमीटर्स के मुताबिक, पिछले साल 31 दिसंबर को दुनिया में 2.85 प्रतिशत की दर से मौतें हो रही थीं जो एक बड़ी गिरावट थी। 25 अप्रैल, 21 को संक्रमण की मृत्युदर घटकर ढाई प्रतिशत रह गई।

अब सिर्फ 2.2 प्रतिशत की दर से मौतें, 98 फीसदी मरीज ठीक हो रहे
वर्डोमीटर्स के मुताबिक, 15 अक्तूबर को दुनिया की मृत्युदर 2.2 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर है। यानी महामारी की शुरूआत में जो 40.27 प्रतिशत मृत्युदर थी, उसके मुकाबले सालभर से अधिक समय में 38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अभी दुनिया में हर दिन करीब 6500 मरीजों की मौत हो रही है और 4 लाख से कुछ अधिक नए मरीज मिल रहे हैं। अबतक पूरी दुनिया में एक दिन के भीतर सबसे ज्यादा मौतें 27 जनवरी को हुईं, उस दिन विश्व में 17,540 मौतें दर्ज की गईं।

विश्व की 36% आबादी को दोनों डोज मिलने से मौतें घटीं
आवर वर्ल्ड इन डाटा के मुताबिक, पूरे विश्व के 196 देशों में अब तक कुल 281 करोड़ लोगों यानी 36.1 प्रतिशत आबादी को टीके की दोनों डोज लगायी जा चुकी हैं। जबकि 47.3% दुनिया की आबादी को कम से कम एक डोज दी जा चुकी है। हर दिन दुनिया में 2.24 करोड़ डोज लगायी जा रही हैं जबकि अब तक कुल 661 करोड़ डोज लगायी जा चुकी हैं। डब्लूएचओ का कहना है कि टीके लगने के बाद संक्रमण का असर कम हुआ है।

कम टीके लगने से गरीब देशों में अब भी ज्यादा मौतें
डब्लूएचओ ने कहा है कि टीकाकरण के कारण संक्रमण से मौत का खतरा तो घटा है मगर अब भी गरीब देशों में सबसे ज्यादा मृत्युदर है क्योंकि वहां केवल 2.7 फीसदी लोगों को ही टीका मिल सका है।

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