खाद न मिलने से किसानों ने फिर लगाया जाम, मेहगांव में लूट ले गए बोरियां
भिंड
खाद की मारामारी से किसान परेशान है तो गोदामों पर रखा डीएपी और यूरिया की देखरेख करना मुश्किल हो गया है। किसानों ने लहार सदर बाजार में खाद न मिलने से जाम लगा दिया तो मेहगांव कृषि उपज मंडी के गोदाम से डीएपी की 25 से 30 बोरियां लूटकर ले गए। गोदाम प्रभारी श्रीकृष्ण राठौर की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
शहर में खाद का वितरण पिछले चार दिन से बंद है। अधिकारियों का कहना है कि पूरा डीएपी ग्रामीण सोसाइटियों पर भेज दिया है, जबकि ग्रामीण शहर में बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। तहसील स्तर पर भी खाद की किल्लत कम नहीं है। मेहगांव, गोहद, रौन, लहार और लहार में गाेदामों से सहकारी समिति के सचिवों को दो-दो बोरी आवांटित किया जा रहा है। ऐसे में किसानों की उम्मीद पूरी तरह से दम तोड़ रही है।
प्रशासन सुझा रहा विकल्प
प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को दूसरे विकल्प सुझाने का भरोसा दे रहे हैं। किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से समझाया जा रहा है कि डीएपी के अलावा आप एसएसपी, एनपीके को यूरिया के साथ खेत में बोवनी के साथ उपयोग कर सकते हैं। लेकिन किसानों का मानना है कि यह खाद सरसों की पैदावार के लिए अनुपयोगी है। एनपीके और एसएसपी में फास्फोरस, नाइट्रोजन की मात्रा कम है। जबकि डीएपी में यह तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो पौधे के विकास में महत्वपूर्ण होते हैं।
प्राइवेट दुकानों पर खरीदी बढ़ी
किसानों को सरकारी इफको खाद न मिलने से वह प्राइवेट दुकानों से खरीदारी करने लगे हैं। यहां आईपीएल, सम्राट आदि कंपनियों का डीएपी 1380 से लेकर 1500 रुपए के भाव में मिल रहा है। जबकि आम दिनों में इसकी रेट 1200 रुपए के आसपास थी। खाद की कालाबाजारी भी खुलकर हो रही है। कई गांवों में समितियों पर स्टॉक का किसानों को ब्लैक में डीएपी का वितरण कराया जा रहा है, जिस पर प्रशासन की नजर नहीं है। इसके पूर्व में सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल किए गए हैं।
गुरुवार को खाद की उम्मीद:
जिले में 6 दिन तक खाद का वितरण बंद करने के आदेश जारी किए हैं, क्योंकि विभाग के पास डीएएपी का स्टॉक नहीं है। रैग न लगने से खाद की आपूर्ति प्रभावित है। इसके साथ ही एकाध गाडि़यां आती हैं तो उन्हें ग्रामीण समितियों पर भेज दिया जाता है। जबकि मंडियों में किसान आज भी लाइन में धक्के खाते नजर आ रहे हैं।
इटावा से खाद की आवक
किसानों को भिंड-मुरैना में भले ही खाद नहीं मिल रहा हो, लेकिन यूपी में इसकी पूर्ति हो रही है। मंगलवार को कई किसान इटावा जिले से डीएपी लेकर आए। किसानों का कहना है कि कुछ एक्स्ट्रा रुपए देकर वहां आसानी से खाद मिल रहा है। डीजल-पेट्रोल की तरह यूपी से अब खाद की आवक बढ़ती जा रही है।
कलेक्टर से नाराज किसान
जिले में खाद की किल्लत से किसान बेबस परेशान हैं, लेकिन आम दिनों में कोविड व अन्य कार्यक्रमों में इलाकों का दौरा करने वाले कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस जिले से लगभग गायब हो गए हैं। किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कलेक्टर मुर्दाबाद के नारे सड़कों पर लग रहे हैं, लेकिन कलेक्टर अवकाश पर बताए जा रहे हैं। किसान कलेक्टर से पूरी तरह नाराज हो चुके हैं।
