खंडवा उपचुनाव: संगठन ने लागू किया फार्मूला, पन्ना प्रभारी के साथ अब जुड़ेगी समिति

भोपाल
बीजेपी अब हर पोलिंग बूथ पर पन्ना समिति बनाएगी। यह पन्ना समिति बूथ पर मतदान के लिए पात्र पन्ना प्रभारियों के अधीन काम करेगी और संगठन के जरिये सरकार तक यह सूचना देगी कि केंद्र और राज्य सरकार की किस हितग्राही मूलक योजना से उसकी कमेटी क्षेत्र के कितने परिवार वंचित हैं? उन्हें सौ फीसदी लाभ दिलाने के लिए काम किया जाएगा। यह कांसेप्ट खंडवा लोकसभा सीट पर लागू होने के बाद प्रदेश की बाकी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में भी लागू होगा।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने खंडवा लोकसभा क्षेत्र में प्रवास के दौरान बुरहानपुर में इसकी शुरुआत करने के बाद इस पर सहमति दी है। उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि हर बूथ पर एक पन्ना समिति होगी जो पन्ना प्रभारी के साथ काम करेगी। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह निर्देश दिए गए हैं कि बूथ क्षेत्र में काम कर रहे पन्ना प्रभारी के क्षेत्र में हर पन्ना के अंतर्गत कितने परिवार निवास करते हैं। हमें ये भ्रम नहीं रखना है कि ये घर इस पार्टी का है या उस पार्टी का है। हमें हर व्यक्ति के पास जाना है, उनसे संपर्क करना है। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा के अनुसार लोग भाजपा से जुड़ने के लिए तैयार बैठे हैं। ये माइक्रोमैनेजमेंट पर लड़ा जाने वाला चुनाव है। हमारी रणनीति बूथ जीता तो चुनाव जीता है। हर बूथ पर जीत हासिल करने के लिए रणनीति तैयार करना है।

भाजपा के बुरहानपुर जिला अध्यक्ष मनोज लधवे के अनुसार हर बूथ पर बनने वाले पन्ना प्रभारी के जिम्मे वोटर लिस्ट के पन्ने में आने वाले 15 से 20 परिवार होते हैं। इन्हीं परिवारों में से पार्टी पांच से छह ऐसे लोगों का चयन कर रही है जो भाजपा की विचारधारा से जुड़े हैं और भाजपा को मानते हैं। उनकी कमेटी बनाई जाएगी जो पन्ना समिति कहलाएगी। यह कमेटी पन्ना प्रभारी के क्षेत्र में आने वाले परिवारों से संपर्क कर उन्हें पार्टी से जोड़ने का काम करेगी और सरकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संगठन के जरिये सरकार तक बात पहुंचाएगी। खंडवा लोकसभा में यह फार्मूला लागू हो चुका है।

प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि पार्टी में संगठन के विस्तार की योजना और रीति-नीति कार्यकर्ता मिलकर तय करते हैं। यही कारण है कि भाजपा अन्य राजनीतिक दलों से पृथक है। शर्मा ने कहा कि जब हम कहते हैं कि कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो रहा है, तो उसका आशय यह है कि देश और मध्यप्रदेश की जनता केन्द्र व राज्य सरकार की इन सेवाभावी नीतियों को सहर्ष स्वीकार कर रही है।

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