जोबट में भाजपा और कांग्रेस के साथ वोट प्रतिशत बढ़ाना EC की भी चुनौती
भोपाल
जोबट में भाजपा और कांग्रेस के साथ ही चुनाव आयोग को भी मतदान का प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती है। इस सीट पर पिछले तीन चुनावों में सबसे ज्यादा मतदान वर्ष 2018 में हुआ था, जो महज 52 प्रतिशत ही था। इससे पहले के किसी भी चुनाव में यहां पर पचास फीसदी भी मतदान नहीं हो सका था।
बताया जाता है कि यहां के हजारों मतदाता गुजरात और मध्य प्रदेश के कई शहरों में काम-काज के लिए गए हुए हैं। यहां का मजदूर आमतौर पर फसल कटाई का काम करता है। फसल की कटाई का समय आ चुका है और वे इस काम के लिए लिए गुजरात और मध्य प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि करीब 80 हजार मतदाता इस वक्त जोबट का बाहर है। इन मतदाताओं को वोटिंग वाले दिन यहां तक बुलाना और उनसे मतदान करवाना दोनों प्रमुख दलों के साथ ही प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। भाजपा और कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा मतदान अपने पक्ष में करवाने के लिए प्रयास कर रही है। प्रशासन अब तक का सबसे ज्यादा मतदान करवाने का प्रयास कर रहा है।
कोरोना के चलते इस बार यहां पर सहायक मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं। यहां पर 325 मूल मतदान केंद्र हैं। वहीं एक हजार से ज्यादा मतदाताओं की संख्या वाले मतदान केंद्रों पर सहायक मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में 92 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कुल 2 लाख 60 हजार 569 मतदाताओं में से 136304 ने मतदान किया। जो 52.31 प्रतिशत रहा। जबकि 2013 के चुनाव में यहां 49.05 प्रतिशत मतदान हुआ था। यहां 1 लाख 30 हजार 533 पुरुष में से 70 हजार 370 और 1 लाख 30 हजार 036 महिलाओं में से 65 हजार 934 ने वोट किया था। पुरुषों का मतदान प्रतिशत 53.91 और महिलाओं का 50.70 रहा था। जोबट विधानसभा में आजादी के बाद से मतदान 50% से ऊपर नहीं गया था, लेकिन 2018 में पहली बार बढ़कर 52.31 प्रतिशत पर पहुंचा था।
