दिल्ली पुलिस में बड़ा बदलाव, 44 इंस्पेक्टर पहली बार बने एसएचओ
नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस में एक बड़ा बदलाव हुआ है। बुधवार देर रात जारी आदेश के तहत आठ महिला इंस्पेक्टर्स समेत 44 इंस्पेक्टर को पहली बार एसएचओ (थाना प्रमुख) के पद पर लगाया गया है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय की इस स्थनान्तरण की सूची में कुल 55 एसएचओ के नाम शामिल हैं। इस सूची की खासबात यह है कि इसमें आठ महिला इंस्पेक्टर को थाना प्रमुख की भूमिका दी गई है। इसके साथ ही शहर को एक माह के भीतर अब तक राजधानी के 9 थानों में महिला इंस्पेक्टर एसएचओ के पद पर तैनात की जा चुकी हैं। पुलिस मुख्यालय की इस सूची में 55 एसएचओ में से 44 फर्स्ट टाइमर (दिल्ली पुलिस की नौकरी में पहली बार थानेदारी करने वाले) हैं। दिल्ली पुलिस के पीआरओ चिन्मय विश्वाल ने बताया कि इस आदेश के तहत पुलिस कामकाज में नई पीढ़ी को भी जिम्मेदार पदों पर तैनात होकर अपनी कार्यकुशलता के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। वहीं आठ महिला इंस्पेक्टर की तैनाती के साथ ही दिल्ली पुलिस के इतिहास में इतनी बड़ी तादाद में एक साथ महिला एसएचओ की तैनाती संभवत: अब से पहले कभी नहीं थी।
इन्हें पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज व सिक्योरिटी में लगाया
तबादला सूची के मुताबिक 18 को दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट में और आठ को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में भेजा गया है। यह अदालतों सहित राजधानी में उच्च जोखिम वाली सिक्योरिटी यूनिट को संभालेंगे। इससे सुरक्षा बटालियन को और मजबूत बनाने के दिल्ली पुलिस के प्रयासों को बल मिलेगा। इसी तरह, एसएचओ के रूप में क्षेत्र के अनुभव के साथ आठ अनुभवी निरीक्षकों की नियुक्ति से प्रशिक्षण और मानव संसाधन यूनिट को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
बार-बार एसएचओ बनने वाले इंस्पेक्टर हटाए गए
इस सूची में कई उन इंस्पेक्टर्स का नाम भी शामिल है जो लंबे समय से एक थाने से दूसरे थाने में एसएचओ के रूप में ही स्थानान्तरित होते रहे हैं। इनमें से ज्यादातर को ट्रेनिंग कॉलेज या फिर सिक्योरिटी यूनिट में भेजा गया है। जबकि जिन आठ महिला इंस्पेक्टर को एसएचओ बनाया गया है। उनमें अल्पना शर्मा, इंस्पेक्टर पूनम पारीक, इंस्पेक्टर डोमिंका पुरी, इंस्पेक्टर रोशलिन पूनम मिंज, इंस्पेक्टर हरजिंदर कौर, इंस्पेक्टर प्रतिभा शर्मा, इंस्पेक्टर कामिनी गुप्ता व इंस्प. सपना दुग्गल शामिल हैं। वहीं पिछले एक महीने में एसएचओ की 79 नई पोस्टिंग की बात की जाए तो इसमें से 65 इंस्पेक्टर ऐसे हैं जो पुलिस स्टेशन प्रबंधन का कामकाज देखेंगे। माना जा रहा है कि ये नए दृष्टिकोण और ऊर्जा के साथ काम करेंगे।
