PM Modi देश को समर्पित किये 35 ऑक्सीजन संयंत्रों , रोज मिलेगा 1750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन

नई दिल्ली

कोरोना काल में देश को ऑक्सीजन की अभूतपूर्व कमी से जूझना पड़ा था। कई लोगों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण जान गंवाई थी, लेकिन देश में अब कहीं भी ऐसा नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को विभिन्न राज्यों में बनाए गए 35 ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश में हुआ, जहां पीएम मोदी शामिल हुए। यहीं से पीएम मोदी ने 35 प्रेशर स्विंग एडजॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष ( PM CARES FUND) की सहायता के ये संयंत्र बनाए गए हैं। जिन शहरों में ये संयंत्र बनाए गए हैं, उनमें शामिल हैं- गोरखपुर, प्रयागराज, नैनीताल और भोपाल।

इसके साथ ही देश के सभी जिलों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, देश में अब तक कुल 1224 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को पीएम केयर्स कोष से राशि उपलब्ध कराई गई है। इनमें से 1100 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है और इनसे 1750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन प्रतिदिन उपलब्ध होगी।

रोज मिलेगा 1750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन

इसके साथ ही देश के सभी जिलों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो जाएंगे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे. पीएमओ ने बताया कि देश में अब तक कुल 1224 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को पीएम केयर्स कोष से राशि उपलब्ध कराई गई है. इनमें से 1100 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है और इनसे 1750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन प्रतिदिन उपलब्ध होगा.

पीएमओ ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी सामने आने के बाद भारत की चिकित्सीय ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से सक्रियता से किए गए प्रयासों का यह सबूत है.’ पीएमओ ने कहा कि देश के सभी जिलों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना पहाड़ी, द्वीपीय और कठिन भू-भागों की जटिल चुनौतियों का सामना करते हुए की गई है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार  अब तक, पूरे देश में कुल 1,224 PSA ऑक्सीजन संयंत्रों को पीएम केयर्स के तहत वित्तपोषित किया गया है, जिनमें से 1,100 से अधिक संयंत्रों को चालू किया गया है, जिससे प्रतिदिन 1,750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होता है. पीएमओ ने एक बयान में कहा- ‘यह कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से भारत की चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सकारात्‍मक उपायों का प्रमाण है.’
7000 से अधिक कर्मचारियों को दिया गया ट्रेनिंग

इन पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए 7000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है. इन 7,000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर इन संयंत्रों का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया गया है. प्रौद्योगिकी की मदद से इन संयंत्रों की निगरानी भी की जाएगी.

वे एक सशक्‍त वेब पोर्टल के माध्यम से अपने कामकाज एवं निष्‍पादन की तत्‍काल निगरानी के लिए एक एम्बेडेड इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिवाइस के साथ होते हैं. पीएमओ ने कहा कि इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *