आरईएस के इंजीनियरों ने दो आईएएस अधिकारियों को गुमराह कर सरकार को लगाया करोड़ों का चूना

छतरपुर
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के इंजीनियरों ने छतरपुर जिले में मनरेगा के अंतर्गत लगभग 400 चेकडेम स्वीकृत कर जिले के दो आला अफसरों को गुमराह कर लगभग सरकार को 60 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में 400 चेकडेम कोरोना काल में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री आरईएस बीएस यादव ने स्वीकृत कराए थे। मजेदार बात ये है कि इन सभी स्टापडेमों की लागत 14 लाख 99 हजार रुपए है। टेक्निकल इंजीनियरों ने बिना स्थल निरीक्षण किए घर बैठे स्टीमेट बनाए और उन्हें स्वीकृत कराया। आज पूरे जिले में जो भी चेकडेम बनाए गए वह अधिकांश पहली ही बरसात में धराशाई हो रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन चेकडेमों को स्वीकृत कराने में भाजपा नेताओं का हाथ था। जिले के दोनों वरिष्ठ अधिकारी नेताओं के दबाव में इन चेकडेमों को स्वीकृत करते रहे। एक भाजपा नेता ने बताया कि चेकडेम स्वीकृत कराने में 10 प्रतिशत की राशि पहले वसूल की गई थी।

इस राशि के एवज में बिना देखे और समझे इन चेकडेमों को स्वीकृत किया गया था। अब मामला तूल पकड़ रहा है और इसकी शिकायत प्रदेश स्तर से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक की गई है। जिले के जनपदों में पदस्थ उपयंत्रियों ने इन चेकडेमों के मूल्याकंन कराने में 10 प्रतिशत की राशि वसूल की है इसके अलावा जनपदों में पदस्थ सहायक यंत्रियों ने भी इसमें भारी कमीशन लिया है। यही नहीं जनपदों में मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी जनपदों के सीईओ ने भी इसमें कमीशन न लेकर अपनी मनचाही फर्मों के बिल लगाकर मोटी रकम निकाली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी जनपदों में इसके लिए निर्धारित उपयंत्री निश्चित किए गए हैं तो चैकडैमों का मूल्याकंन करते हैं और संबंधित सरपंच और सचिवों को भुगतान कराते हैं।

लोक जनशक्ति पार्टी के उपध्यक्ष लखन लाल अनुरागी ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की है। और आने वाले दिनों में वह इस मुद्दे को लेकर जिलापंचायत कार्यालय के सामने एक विशाल प्रदर्शन करने वाले हैं। अभी हाल ही में लवकुशनगर क्षेत्र में लगभग एक दर्जनसे ज्यादा चेकडेम धराशाई हो गए हैं। जिसकी जांच कराने की बात जनपद के सीईओ कर रहे हैं। फिलहाल मामला मप्र की विधानसभा में भी गूंजेगा छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी ने इस मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है। और भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री सहायक यंत्री के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *