भारतीय हॉकी टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स से वापस लिया नाम

   नई दिल्ली                      

 
भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) ने अगले साल यूनाइटेड किंगडम (UK) में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से अपना नाम वापस ले लिया है. यूके में कोरोना के बढ़ते मामलों और वहां के गंभीर हालात की वजह से भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम ने ये फैसला लिया है.

हॉकी इंडिया की ओर से मंगलवार को एक बयान जारी किया गया. जिसमें लिखा गया है कि पूरे यूरोप में इंग्लैंड कोरोना से सबसे प्रभावित देश है, ऐसे में अगले साल वहां कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेना सही नहीं होगा.

बता दें कि भारतीय टीम का ये फैसला तब आया है, जब इंग्लैंड ने भारतीयों के लिए 10 दिन का क्वारनटीन फिक्स किया गया है.
 

हॉकी इंडिया ने साफ किया है कि उनकी टीम का फोकस पूरी तरह से एशियन गेम्स पर है, जो कि 2024 पेरिस ओलंपिक की तैयारियों को देखते हुए अहम है.

बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स अगले साल 28 जुलाई से 8 अगस्त के बीच यूके में खेले जाएंगे, जबकि एशियन गेम्स कुछ वक्त बाद ही सितंबर में चीन में खेले जाएंगे.

हॉकी इंडिया का क्या है रुख?

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोबम ने महासंघ के फैसले से भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा को अवगत करा दिया है. हॉकी इंडिया ने कहा है कि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों (28 जुलाई से आठ अगस्त) और हांग्झू एशियाई खेलों (10 से 25 सितंबर) के बीच सिर्फ 32 दिन का अंतर है और वे अपने खिलाड़ियों को ब्रिटेन भेजकर जोखिम नहीं उठाना चाहता जो कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल रहा है.

निंगोबम ने लिखा, ‘एशियाई खेल 2024 पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए महाद्वीपीय क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता है और एशियाई खेलों की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए हॉकी इंडिया राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय टीमों के किसी खिलाड़ी के कोविड-19 संक्रमित होने का जोखिम नहीं ले सकता.’

ब्रिटेन ने हाल में भारत के कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्रों को मान्यता देने से इनकार कर दिया था और देश से आने वाले यात्रियों के पूर्ण टीकाकरण के बावजूद उनके लिए 10 दिन का कड़ा पृथकवास अनिवार्य किया है.

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से इंग्लैंड ने वापस लिया था नाम

भारत का फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि अगले महीने भारत के ओडिशा में शुरू होने जा रहे जूनियर हॉकी वर्ल्डकप से इंग्लैंड ने इसी सोमवार कोअपना नाम वापस लिया था. इंग्लैंड ने भी यही हवाला दिया था कि भारत सरकार द्वारा इंग्लैंड के निवासियों के लिए 10 दिनों का क्वारनटीन पीरियड रखा गया है, ऐसे में वो अपना नाम वापस ले रहे हैं. अब इंग्लैंड जूनियर टीम के इस फैसले के 48 घंटे के भीतर ही भारत ने बड़ा कदम उठा लिया है.  

आपको बता दें कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच कोरोना नियमों को लेकर पिछले कुछ दिनों से उठा-पटक चल रही है. यूके ने पहले भारत की कोविशील्ड को मान्यता नहीं दी थी. बाद में जब मान्यता दी तो भारतीयों के लिए दस दिनों का क्वारनटीन जरूरी कर दिया, जवाब में भारत ने भी इंग्लैंड से आने वाले नागरिकों के लिए ऐसा ही किया.

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