महज सुर्खियां बटोरने मुख्यमंत्री ने दो महीने चांवल बढ़ाने लिखा पीएम को पत्र

रायपुर
सत्ता में आते ही कांग्रेस ने वैश्विक महामारी कोरोना के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए चावल में 1600 करोड़ का बड़ा घोटाला किया और महज सुर्खियां बटोरने के लिए उन्होंने दो महीने का अतिरिक्त चांवल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा लेकिन पीएम ने नवंबर 2021 तक के लिए फ्री में प्रत्येक परिवार को 5-5 किलो चांवल देने का ऐलान कर दिया। लेकिन अभी तक गरीब परिवारों को यह चांवल नहीं दिया जा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जितने के गरीबों को अतिरिक्त चांवल का आबंटन नहीं किया गया हैं उन्हें तत्काल नगद राशि दिया जाए। 7-8 अक्टूबर को प्रदेश के राशन दुकानों पर धरना व 11-12 अक्टूबर को एसडीएम कार्यालय घेराव करने के साथ ही उन्हें भाजपा के कार्यकर्ता व नेता ज्ञापन सौंपेंगे।

विधनासभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, पूर्व खाद्य मंत्री पुन्नुलाल मोहले ने पत्रकारवार्ता के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत केंद्र से हर महीने एक लाख 385 टन अतिरिक्त आवंटन किया जा रहा है। प्रति व्यक्ति पांच किलो चावल प्रति महीने के मान से इससे दो करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने यह लाभ मिलना था। मगर, इसमें से मुश्किल से एक तिहाई लोगों तक यह लाभ पहुंच रहा है। करीब 1.5 करोड़ गरीबों के मूंह से निवाला छीना है कांग्रेस सरकार ने। प्रति माह एक लाख 385 टन अतिरिक्त चावल केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ को आवंटित किया जा रहा है। प्रदेश में प्राथमिकता समूह के राशन कार्ड पर मई से नवंबर 2021 तक के लिए पांच किलो प्रति सदस्य के मुताबिक सात लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल का आवंटन छत्तीसगढ़ शासन को मिला।

मगर, उसका लाभ यहां जरूरतमंद हितग्राहियों तक कांग्रेस सरकार ने नहीं पहुंचाया है, इस आवंटन का अधिकांश चावल कांग्रेस खा गयी है। केंद्र सरकार द्वारा जहां प्रति व्यक्ति प्रति महीने 5 किलो चावल राज्य को दिया गया, परंतु सरकार ने ऐसे राशन कार्डधारी जिनके परिवार में 1, 2 और 3 सदस्य तक हैं, उनको यह अतिरिक्त चावल नहीं दिया। राशनकार्ड धारी हितग्राही को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न प्राप्त होने की शिकायत निरंतर प्राप्त हो रही है। यह शेष अनाज कहां जा रहा है, यह जांच का विषय है। यहां तक कि शासन के एक मंत्री ने इस बड़ी गड़बड़ी को स्वीकार भी किया था, लेकिन ऐसे घोटाले जारी हैं।

औसतन एक राशन कार्ड पर तीन से चार सदस्य होते हैं, जिसमें 1, 2 और 3 सदस्यों तक वाले राशनकार्ड पर यह लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस मान से अगर एक मोटा अनुमान लगाया जाय तो लगभग दो तिहाई लोगों के हिस्से का चावल गबन कर लिया जा रहा है। यानी गरीबों के हिस्से का लगभग पांच लाख टन चावल राज्य सरकार हड़प गयी है। इससे पहले भी राज्य शासन ने पंचायतों को दिए एक-एक क्विंटल चावल की कीमत 32 सौ रुपये प्रति क्विंटल वसूल किया था जबकि कांग्रेस उसे मुफ्त देने की बात कर रही थी। अत: चावल का सरकारी रेट 32 रुपया किलो के मान से मोटे तौर पर यह घोटाला 16 सौ करोड़ से अधिक का है।

भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग कि हैं कि केंद्र द्वारा आवंटित अतिरिक्त चावल दाना-दाना हितग्राहियों तक पहुचाया जाए। अभी तक जो चावल नहीं दिए गए हैं, उसका नगद भुगतान किया जाए। गरीबों का निबाला छीनने वाले इस घोटाले के लिए कांग्रेस प्रदेश की जनता से माफी मांगे। इस घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले। अपने इन मांगों को लेकर और 7-8 अक्टूबर को प्रदेश के राशन दुकानों पर धरना देगी और इससे संबंधित मांगपत्र वहां चिपकाएगी। इसके अलावा 11-12 अक्टूबर को एसडीएम कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन देगी।

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